नई दिल्ली, 29 अगस्त 2025
Youth Lead Dialogue 2025: भारत मंडपम में ’यूथलीड डायलॉग’ पर डॉ.अभिषेक वर्मा ने दी पीढ़ियों के बीच सामंजस्य की अपीलभारत मंडपम, नई दिल्ली में हार्दिक देवन फाउंडेशन द्वारा आयोजित यूथलीड डायलॉग कार्यक्रम युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विचार-विमर्श का एक जीवंत मंच बनकर उभरा। इस अवसर पर राजनीति, समाजसेवा और उद्यमिता जगत से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। साथ ही, सांसद श्री तरुण चुग, श्री कृष्ण लाल कंवर सहित कई अन्य गणमान्य हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।
कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आमंत्रित डॉ. अभिषेक वर्मा (मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, एनडीए गठबंधन एवं चुनाव, शिवसेना) ने अपने संबोधन में युवाओं और बुजुर्गों के बीच तालमेल और सामंजस्य पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की शक्ति उसकी पीढ़ियों के बीच संतुलन और संवाद में निहित है।
परंपरा और नवाचार का संगम
अपने प्रेरक विचार रखते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि बुजुर्गों की अनुभवी बुद्धिमत्ता और युवाओं की ऊर्जा विरोधी ताकतें नहीं, बल्कि पूरक शक्तियाँ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन दोनों का सही तालमेल स्थापित हो जाए तो भारत की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता।
उनके शब्दों में –
“जब परंपरागत मूल्य नवाचार की शक्ति से जुड़ते हैं, तब भारत की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता।”
डॉ. वर्मा ने इस विचार को और विस्तार देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी डिजिटल तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक दृष्टिकोण से संपन्न है, वहीं वरिष्ठ पीढ़ी अनुभव, धैर्य और सामाजिक मूल्यों की संवाहक है। जब ये दोनों मिलते हैं, तब एक ऐसा समन्वित समाज बनता है जो आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होता है।
एनडीए और विजन 2047 की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन में डॉ. वर्मा ने शिवसेना और एनडीए गठबंधन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत – विजन 2047 को साकार करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा –
“एनडीए केवल एक राजनीतिक गठबंधन नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है। हमारा संकल्प है कि 2047 तक भारत आर्थिक, रक्षा, तकनीकी और सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में विश्व नेतृत्व की भूमिका निभाए।”
डॉ. वर्मा ने यह भी जोड़ा कि आज की राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों का माध्यम है। उनके अनुसार, भारत की युवा शक्ति इस लक्ष्य की प्राप्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
संवाद और राष्ट्रनिर्माण का मंच
यूथलीड डायलॉग जैसे आयोजनों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के मंच केवल विचारों का आदान-प्रदान ही नहीं करते, बल्कि समाज की नई दिशा तय करने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने इसे पीढ़ियों के बीच संवाद और सामंजस्य का सेतु बताया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. वर्मा ने यूथलीड डायलॉग के सफल आयोजन के लिए श्री हार्दिक देवन और ग्रिफ़िन वेंचर्स का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंच राष्ट्रनिर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करता है और युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने में सहायक है।
भारत मंडपम में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक दृष्टिकोण भी समाहित रहे। डॉ. अभिषेक वर्मा का संबोधन इस तथ्य की पुनः पुष्टि करता है कि जब अनुभव और ऊर्जा, परंपरा और नवाचार, धैर्य और उत्साह साथ आते हैं, तब भारत न केवल अपने लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ता है, बल्कि विश्व पटल पर एक आदर्श के रूप में स्थापित होता है।
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