PM Modi Japan Visit: PM मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय जापान यात्रा पर हैं। यह दौरा न सिर्फ दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को मज़बूत करने साथ-साथ, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई दिशा देने का संकेत है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे। जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर भी चर्चा होने की संभावना है।
PM मोदी ने की भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान पहुंचते ही टोक्यो में भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की और भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे भरोसेमंद और अनुकूल निवेश स्थल बताया। मोदी ने कहा, “भारत आज न केवल विकास की गति से दुनिया को चौंका रहा है, बल्कि निवेश के लिए स्थायित्व, अवसर और संभावनाओं से भरपूर माहौल भी प्रदान कर रहा है।
पीएम मोदी ने जापान का जताया आभार
पीएम मोदी ने जापानी कंपनियों द्वारा भारत में किए गए निवेश को लेकर आभार जताया। आपको बता दें, अब तक 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश जापान की कंपनियों द्वारा भारत में किया जा चुका है। आगे पीएम मोदी ने कहा कि यह निवेश भारत और जापान के बीच परस्पर विश्वास और साझा हितों का प्रतीक है।
31 अगस्त को चीन जाएंगे पीएम मोदी
इस यात्रा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को चीन रवाना होंगे। जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। चीन और जापान जैसे 2 प्रमुख एशियाई देशों के साथ मोदी की यह कूटनीतिक पहल भारत की वैश्विक रणनीति को संतुलित और सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
भारत के विकास को मिलेगी गति
जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक आर्थिक और तकनीकी शक्ति के रूप में उभर रहा है। ठीक वैसे-वैसे जापान जैसे सहयोगी देशों के साथ स्थायी संबंध भारत के विकास को गति देंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव तैयार कर रही है।
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