Hit And Run Case : पुणे पोर्शे हादसे के बाद सात महीने बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर में हिट एंड रन मामले में कार्रवाई की है। गंगा बैराज के एक डॉक्टर के नाबालिग बेटे को दो किशोरों की कथित गैर-इरादतन हत्या के आरोप में इटावा के बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। बर्रा में हुई घटना की जांच एसीपी कर्नलगंज को सौंपी गई है। पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ धारा 308 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला बढ़ा दिया है।
इस बीच, बर्रा कांड में शुरू में कोई आरोप पत्र क्यों दाखिल नहीं किया गया, इस संबंध में पूर्व विवेचक और इंस्पेक्टर की विभागीय जांच के लिए पुलिस उपायुक्त मध्य को सौंप दी गई है। 27 अक्टूबर 2023 को गंगा बैराज पर मैगी प्वाइंट पर डॉक्टर के नाबालिग बेटे ने कार चलाते हुए दो किशोरों को टक्कर मार दी थी। आरोपी ने कथित तौर पर वहां मौजूद दो किशोरों पर गाड़ी चढ़ा दी थी।
शुरुआत में नवाबगंज पुलिस ने धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया था लेकिन कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया था। इसके बाद जांच एसीपी कर्नलगंज को सौंपी गई और मामला फिर से खुल गया। 21 मई, 2024 को एसीपी ने नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया और उसे किशोर सुधार सुविधा में भेज दिया। इसी नाबालिग ने 31 मार्च 2024 को बर्रा थाना क्षेत्र में बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी थी।
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हादसे के बाद वह मौके से भाग गया था। एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर हरीश चंद्र ने बताया कि बर्रा कांड में धारा 308 की धारा बढ़ा दी गई है और जांच एसीपी कर्नलगंज को ट्रांसफर कर दी गई है। बर्रा में बाइक की चपेट में आए युवक के मामले में पुलिस नाबालिग के पिता को भी दोषी मानेगी। एडिशनल सीपी के मुताबिक इस मामले में पिता को भी दोषी माना गया है।
जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस जल्द ही पिता को भी गिरफ्तार कर सकती है। गंगा बैराज घटना को लेकर पूर्व चौकी प्रभारी और पूर्व थानेदार की कार्यशैली को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दिये हैं। रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच मध्य पुलिस उपायुक्त को सौंप दी गई है और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


