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Gyanvapi Complex : जानिए क्या है ज्ञानवापी केस में व्यास जी तहखाने की पूरी कहानी और कैसे हुई हिंदुओं की जीत

by | Jan 31, 2024 | अपना यूपी, आपका जिला, ख़बर, टॉपिक, ट्रेंडिंग, देश, बड़ी खबर, मुख्य खबरें, वाराणसी

Gyanvapi Complex : उत्तर प्रदेश में वाराणसी जिला न्यायालय ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Complex) में व्यास जी के परिसर में हिंदुओं को पूजा और प्रार्थना करने का अधिकार देने का आदेश दिया। इस मामले में याचिकाकर्ता शैलेन्द्र पाठक की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन, सुधीर त्रिपाठी, सुभाष नंदन चतुर्वेदी और दीपक सिंह ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश कीं थी। उन्होंने दो मांगें कीं जिनमें से एक मान ली गई है। गौरतलब है कि कोर्ट ने व्यास जी तहखाने को जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में सौंपने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। अब हिंदू समुदाय को भी पूजा करने का अधिकार मिल गया है।

व्यास जी तहखाने की पूरी कहानी क्या है?

वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि नंदी भगवान के सामने व्यास परिवार का निवास है। 1993 तक यहां इस मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर पर पूजा होती थी। हालांकि नवंबर 1993 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने अवैध रूप से रोक लगा दी। यहां पूजा की जाती थी और पुजारियों को यहां से हटा दिया गया था। यह अनुच्छेद 25 का उल्लंघन था। मैंने यह भी मांग की थी कि अंजुमन इंतेजामियां कभी भी तहखाने पर कब्जा कर सकती है जिसके बाद अदालत ने डीएम को रिसीवर नियुक्त किया है।

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मुस्लिम पक्ष को खुद ही सौंप देना चाहिए

मुस्लिम पक्ष के बयानों को लेकर विष्णु जैन ने कहा कि उनके बयान रिकॉर्ड के खिलाफ हैं। यह वक्फ संपत्ति नहीं है। यह पूजा स्थल अधिनियम-1991 के तहत भी नहीं आता है क्योंकि 1991 से पहले वहां श्रृंगार गौरी की पूजा होती थी। हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। तहखाने के सीलबंद क्षेत्र की जांच के लिए ताकि वहां की विशेषताओं का ठीक से अध्ययन किया जा सके। विष्णु जैन ने आगे कहा कि एएसआई की रिपोर्ट बहुत पुख्ता सबूत साबित होगी। अकबर के बनाए सबूत भी फेल हो गए हैं। 17वीं सदी में इस मंदिर को तोड़ दिया गया था। इस केस को अंजुमन इंतजामियां को खुद ही छोड़ देना चाहिए और मंदिर ट्रस्ट के हवाले कर देना चाहिए।

व्यास जी का मामला श्रृंगार गौरी मामले से अलग है

18 अगस्त 2021 को पांच महिलाओं ने सिविल जज के समक्ष सिविल मुकदमा दायर किया। महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के बगल में स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर में प्रतिदिन पूजा व दर्शन की मांग की। महिलाओं की मांग पर न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने एएसआई को मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया। इस बीच एएसआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण वहां पहले से मौजूद एक पुराने मंदिर के अवशेषों पर किया गया था। गौरतलब है कि श्रृंगार गौरी मामला और व्यास जी के आवास में पूजा की मांग दो अलग-अलग मामले हैं।

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