UP News : ज्ञानवापी के मुद्दे से जुड़े एक ताजा मामले में मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को एक बार फिर वाराणसी जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अदालत में 15 दिनों की अवधि के लिए धार्मिक पूजा-प्रार्थना को निलंबित करने की अपील की है। यह घटनाक्रम ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास तहखाना में पूजा पाठ शुरू होने के बाद हुआ। व्यास तहखाना में पूजा शुरू होने के बाद, मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत में एक याचिका दायर की। गौरतलब है कि बुधवार को जिला जज ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था, जिसमें हिंदुओं को व्यास तहखाना में पूजा करने का अधिकार दिया गया था। आदेश में जिला प्रशासन को सात दिनों के भीतर पूजा पाठ की सुविधा की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया।
हिंदुओं द्वारा पूजा पाठ करने पर जताई आपत्ति
मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि मुख्तार ने व्यास तहखाना में पूजा गतिविधियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने बिना किसी सबूत के आदेश जारी किया था और अधिकारियों पर जल्दबाजी में निर्णय लेने का आरोप लगाया। जवाब में, प्रशासन ने अदालत के आदेश की समीक्षा के लिए कदम उठाए। जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त और काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के प्रतिनिधियों सहित अधिकारियों ने शहर में शांति बनाए रखने पर चर्चा के लिए एक बैठक की। देर रात, व्यास तहखाना में पूजा-अर्चना की शुरुआत विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश मिश्रा और गणेश्वर द्रविण ने की, जिन्होंने अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ समय निर्धारित किया था।
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पूजा पाठ रोकने की याचिका के जरिए मुस्लिम पक्ष का नजरिया क्या ?
अब मुस्लिम पक्ष ने वाराणसी जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. प्रार्थना याचिका के माध्यम से उन्होंने अदालत के कल के आदेश के कार्यान्वयन को कम से कम 15 दिनों के लिए निलंबित करने का अनुरोध किया है. मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि खंडन के लिए साक्ष्य प्राप्त करने और तैयार करने में समय लगेगा। इसलिए, वे अदालत से कल के आदेश के क्रियान्वयन पर कम से कम 15 दिनों के लिए रोक लगाने का अनुरोध करते हैं। देश की सर्वोच्च अदालत का प्रतिनिधित्व करने वाली अंजुमन की इंतेज़ामिया मस्जिद समिति भी घटनास्थल पर पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मुस्लिम पक्ष को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था और उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया था।


