Lok Sabha : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के साथ आज 17वीं लोकसभा (Lok Sabha) का समापन हो गया। इस दौरान पीएम ने देश के विकास, देश की भविष्य की पहचान और 17वीं लोकसभा में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों के बारे में बात की। उन्होंने तीन तलाक की प्रथा खत्म करने से लेकर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और आतंकवाद पर शिकंजा कसने तक के कालखंड को 21वीं सदी के भारत के लिए मजबूत नींव रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल में कई सुधार किये गये हैं, जो पासा पलटने वाले हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा कि 17वीं लोकसभा के जरिए पीढ़ियों का इंतजार खत्म हुआ है। कई पीढ़ियों ने एक संविधान का सपना देखा था, लेकिन हर पल वो संविधान बेचैन करता रहा। पीएम ने अनुच्छेद 370 को संविधान में बाधक बताते हुए कहा कि यह दुखद है। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने संविधान का निर्माण किया उनकी आत्माएं हमें उन कार्यों के लिए अवश्य आशीर्वाद देंगी जिन्हें हमने पूरा किया है।
पीएम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग सामाजिक न्याय से वंचित थे। हम जम्मू-कश्मीर के भाइयों और बहनों तक न्याय पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता से संतुष्ट हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद एक खतरा बन गया है। देश के सक्षम लोग आतंकवाद का शिकार हो जायेंगे। आतंकवाद के खिलाफ इस संसद ने सख्त कानून बनाए हैं, जिससे इन समस्याओं से निपटने वालों को ताकत मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस नई संसद में जब भी चर्चा होगी, राष्ट्रीय सम्मान कानून पर चर्चा जरूर होगी। भविष्य में हमारी माताएं-बहनें यहीं बैठेंगी। यह देश के लिए गर्व की बात होगी। तीन तलाक पर पीएम मोदी ने कहा कि कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया है। उन्हें समस्याओं से जूझना पड़ा। 17वीं लोकसभा ने तीन तलाक से मुक्ति और महिला सशक्तिकरण के सम्मान के लिए काम किया है। सभी सांसद कहेंगे कि बेटियों को न्याय दिलाने के लिए काम करते वक्त वे वहां मौजूद थे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान नई संसद का उद्घाटन हो गया है. इसका उद्घाटन खुद पीएम ने किया. पीएम ने राज्यसभा में कहा कि सेनगोल की स्थापना स्पीकर ओम बिरला के कार्यकाल में संसद में हुई थी. पीएम ने पिछले पांच वर्षों को सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन का काल बताया। उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 97 प्रतिशत रही।


