Farmer’s Protest : किसान आंदोलन (Farmer’s Protest) के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा दावा किया है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह किसानों का आंदोलन नहीं है। एक पोस्ट में केशव ने लिखा कि यह किसानों का आंदोलन नहीं है, यह कांग्रेस और ठगबंधन की हताशा का आंदोलन है!
इस बीच, मंगलवार को विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के तीन उम्मीदवारों के नामांकन के बाद पार्टी प्रमुख यादव ने किसान आंदोलन को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जो सरकार किसानों के नाम पर वोट लेना चाहती है। जो सरकार स्वामीनाथन और किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दे रही है, वह किसानों को एमएसपी क्यों नहीं दे रही है?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि या तो सरकार एमएसपी देना नहीं चाहती है या उसने बड़े लोगों से गठबंधन कर लिया है, या जो लोग मुनाफा कमाना चाहते हैं उन्होंने सरकार से साठगांठ कर ली है। उन्होंने आगे कहा कि इसीलिए सरकार किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
वहीं, किसानों के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने जो मांगें की थीं, उनमें से ज्यादातर सरकार ने पूरी कर दी हैं। बाकी मांगों को लेकर संबंधित मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय चर्चा कर रहे हैं। बता दें कि किसानों ने आज अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच किया।
पंजाब से दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों के कई समूहों को मंगलवार को हरियाणा के जींद के पास आंसू गैस और पानी की बौछारों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने किसानों को जींद जिले के खनौरी बॉर्डर से हरियाणा में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया। इससे पहले दिन में, किसानों को हरियाणा के अंबाला में शंभू सीमा पर इसी तरह की पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी वाले कानूनों की मांग और केंद्र पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि सिंघू बॉर्डर-खनौरी बॉर्डर पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से एक किसान घायल हो गया। दिल्ली की ओर मार्च करने से पहले, किसानों के कई समूह बैरिकेड्स की भारी सुरक्षा के साथ सीमाओं पर एकत्र हुए।


