Lok Sabha : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं से चर्चा के बाद हरेंद्र मलिक का मुजफ्फरनगर सीट से समाजवादी पार्टी का लोकसभा (Lok Sabha) उम्मीदवार बनना तय है। मलिक की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा बाकी है। अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद हरेंद्र मलिक ने कहा कि आज पार्टी पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने चुनाव लड़ने के लिए मेरा नाम सुझाया है। आधिकारिक घोषणा बाकी है लेकिन तैयारी के संकेत दे दिए गए हैं कि चुनाव की तैयारी शुरू करें।
जयंत के जाने से हुआ नुकसान
हरेंद्र मलिक ने कहा कि आरएलडी के साथ नहीं रहने से कुछ नुकसान हुआ है लेकिन चुनाव में अभी समय है। इस दौरान हम असंतुष्ट लोगों से संपर्क करेंगे उनसे बात करेंगे और उन्हें अपने साथ आने के लिए मनाएंगे। पश्चिमी यूपी में जाट समुदाय किसानों का अपमान नहीं भूला है। जिस तरह से विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों की हत्या की गई और पहलवान बेटियों का अपमान किया गया। जाट उस घटना को नहीं भूले हैं जब चौधरी चरण सिंह के सामान को उनके बंगले से बाहर फेंक दिया गया था। जाट समाज आने वाले चुनाव में इसका बदला जरूर लेगा।
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सपा के पास भी हैं अनुभवी नेता
उत्तर प्रदेश से बोलते हुए हरेंद्र मलिक ने कहा कि बीजेपी सिर्फ मंदिर-मस्जिद की राजनीति करती है। मंदिर-मस्जिद के नाम पर चुनाव लड़ने के अलावा उनके पास और कुछ नहीं है। अगर बीजेपी के पास संजीव बालियान जैसा दो बार का सांसद है तो समाजवादी पार्टी के पास 50 साल के राजनीतिक अनुभव वाले हरेंद्र मलिक भी हैं। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी गठबंधन से अलग होकर आरएलडी अब एनडीए गठबंधन में शामिल हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के बाद जयंत चौधरी ने ऐलान किया कि वह सपा छोड़कर एनडीए गठबंधन में शामिल हो रहे हैं।


