CM Yogi : मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) शुक्रवार को 67वें अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट के समापन समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर हमला किया। गौरतलब है कि 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए 10 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्तावों का अनावरण होने जा रहा है। इससे सीधे तौर पर 35 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कहा कि यूपी की जनता ने पिछले सात वर्षों में कानून-व्यवस्था के महत्व को अनुभव किया है। आज हर नागरिक को सुरक्षा का भरोसा है। प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था की स्थिति ही है कि 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। जीआईएस-23 में प्राप्त हुआ है जबकि 2017 से पहले कोई भी राज्य में निवेश नहीं करना चाहता था। इससे पहले उन्होंने एक स्मारक का उद्घाटन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी भी प्रदान की गयी।
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मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) ने कहा कि पुलिस के विभिन्न बल देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि पुलिस बल सार्वजनिक धारणा बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस धारणा को बनाने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके लिए दोहरी मानसिकता से काम करना जरूरी है। वे जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जीरो टॉलरेंस के साथ असामाजिक एवं राष्ट्रविरोधी तत्वों के सामने स्वयं को प्रस्तुत करते हैं आम आदमी से संवाद स्थापित करते हैं और उन्हें न्याय दिलाते हैं। इससे आम लोगों के मन में एक नया विश्वास पैदा होता है। साथ ही यह पुलिस बल की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में देश भर से विभिन्न बलों के अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं। उनके अपने अनुभव हैं। उन अनुभवों से हम किस रूप में लाभ उठा सकते हैं यह जानना बहुत जरूरी है। हमारे देश में ज्ञान के आदान-प्रदान की परंपरा सदियों पुरानी है। नैमिषारण्य राजधानी लखनऊ से 70 किलोमीटर दूर है जो हजारों साल पहले ऋषियों के ज्ञान मंथन का केंद्र था। यहीं पर भारत के वैदिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण करने की परंपरा का निर्वाह हुआ। यह आयोजन इस विरासत को और बढ़ावा देता है। सीएम योगी ने कहा कि ज्ञान वह नहीं है जो किताबों में लिखा है बल्कि वह है जो आप फील्ड ड्यूटी के दौरान अनुभव करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की बदलती प्रकृति के अनुरूप हम सभी को खुद को तैयार करना होगा। जब हम अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को जनता के सामने रखते हैं तो हमें बहुत कुछ सीखने और देखने को मिलता है। प्रतियोगिताएं बहुत कुछ देखने और सीखने का अवसर प्रदान करती हैं। यही कारण है कि हाल के वर्षों में राज्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर देश की चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर स्मार्ट पुलिसिंग की बात करते हैं। इस दौरान वह सख्त और संवेदनशील पुलिसिंग की बात करते हैं। जब पुलिस बल स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था से जुड़ जायेगा तो वह वर्तमान चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम हो जायेगा। कार्यक्रम में मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी प्रशांत कुमार और डीजी आरपीएफ मनोज यादव भी मौजूद रहे।


