MSP : उत्तर प्रदेश में सरकारी गेहूं खरीद शुक्रवार 1 मार्च से शुरू होगी। इस बार योगी सरकार ने गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2275 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 150 रुपए अधिक है। किसानों को गेहूं खरीद में सहूलियत देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश भर में 6500 क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। उत्तर प्रदेश में किसानों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी सरकार ने MSP की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 रु. बढ़ाया गया जिससे गेहूं का एमएसपी बढ़कर 2275 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। बढ़ी हुई एमएसपी के साथ 1 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू होगी। इस वर्ष गेहूं की खरीद 15 जून तक जारी रहेगी। रविवार एवं अन्य अवकाशों को छोड़कर 15 जून तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। किसानों को गेहूं बिक्री के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISHAN MITRA पर पंजीकरण कराना होगा।
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पंजीकरण और नवीनीकरण 1 जनवरी से शुरू हुआ। अब तक 1,09,709 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इस वर्ष पंजीकृत बटाईदार भी गेहूं बेच सकते हैं। विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी जाती है कि वे गेहूं को खरीद केन्द्रों पर बिक्री के लिए लाने से पहले धूल, मिट्टी, बजरी आदि हटाकर अच्छी तरह से साफ कर लें। एक मार्च से 15 जून तक गेहूं खरीद के लिए प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किये जा रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार से शुरू हो रही गेहूं खरीद के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है।
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इसके अलावा किसान किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने गेहूं की कीमत का भुगतान 48 घंटे के भीतर पीएफएमएस के माध्यम से किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा करने की व्यवस्था की है। एक मार्च से शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए विभाग ने व्यापक तैयारी की है।


