राजनीति

अपना यूपी

क्राइम

बड़ी खबर

स्पोर्ट्स

वेब स्टोरीज

खबर

Dhananjay Singh : कैसे मौत को धनंजय सिंह ने दिया मात, जिसके बाद बने थे लोगों के माननीय

by | Mar 6, 2024 | अन्य, अपना यूपी, आपका जिला, ख़बर, टॉपिक, ट्रेंडिंग, देश, बड़ी खबर, मुख्य खबरें, राजनीति

Dhananjay Singh : एक शख्स जिसकी मौत की खबर आई तो पुलिस ने बड़ी वाह-वाही लूटी लेकिन तीन महीने बाद जब उस शख्स ने कोर्ट में सरेंडर किया तो जश्न मनाने वाली वही पुलिस टीम जेल जाने की कगार पर पहुंच गई। कथित तौर पर मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति उत्तर प्रदेश में एक प्रतिष्ठित राजनेता बन गया। ये पूरा परिदृश्य एक ही किरदार पर फिट बैठता है और वो किरदार हैं जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh)। तो क्या हुआ? यह घटना 17 अक्टूबर 1998 की है जब भदोही जिले की पुलिस की भदोही-मिर्जापुर सीमा पर चार अपराधियों से मुठभेड़ हुई थी।

पुलिस का दावा है कि झड़प के दौरान पेट्रोल पंप लूटने जा रहे अपराधी मारे गये जिनमें 50 हजार का इनामी धनंजय सिंह भी शामिल था। पुलिस को उनके कार्यों के लिए प्रशंसा मिली। हालाँकि इसके तुरंत बाद विवाद खड़ा हो गया। जिस व्यक्ति के बारे में पुलिस ने दावा किया था कि वह धनंजय सिंह है उसके दावेदारों ने कहा कि मृतक वह व्यक्ति नहीं है जिसे इनाम की पेशकश की गई थी बल्कि वह धनंजय सिंह के भतीजे थे। इस खुलासे के बाद निर्दोष लोगों की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए।

एनकाउंटर के करीब तीन महीने बाद 11 जनवरी 1999 को धनंजय सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। धनंजय सिंह सरेंडर से हड़कंप मच गया। मुठभेड़ की जांच करायी गयी। मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर मामला दर्ज किया गया। 34 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए लेकिन बाद की अदालती सुनवाई के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों की मृत्यु हो गई और जो बच गए उन्हें बरी कर दिया गया। यहीं से धनंजय सिंह का राजनीतिक सफर शुरू हुआ और वह पहली बार निर्दलीय विधायक बने।

हालांकि एक बार फिर धनंजय सिंह के राजनीतिक करियर पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। उन्हें नमामि गंगे प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण और गलत तरीके से बंधक बनाने के मामले में दोषी पाया गया है। आज बुधवार को कोर्ट धनंजय सिंह की सजा का ऐलान करेगी। उन पर लगे आरोपों में 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। अगर कोर्ट 2 साल से ज्यादा की सजा सुनाती है तो धनंजय सिंह का राजनीतिक सफर तब तक रुक जाएगा जब तक उन्हें ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिल जाती।

अपना यूपी

क्राइम

आपका जिला

वीडियो

ट्रेंडिंग

बड़ी खबर