Letter to CJI : देशभर के करीब 600 नामी वकीलों ने सीजेआई डीवी चंद्रचूड़ को पत्र लिखा है, जिसका पीएम मोदी ने जवाब दिया है। उन्होंने लिखा कि दूसरों को डराना और धमकाना कांग्रेस की पुरानी परंपरा है। वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा सहित कई वकीलों ने सीजेआई चंद्रचूड़ को पत्र (Letter to CJI) लिखकर आरोप लगाया कि एक निहित स्वार्थी समूह न्यायपालिका पर दबाव बनाने और बेकार तर्कों और घिसे-पिटे तर्कों के आधार पर अदालतों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। पीएम मोदी ने न्यायपालिका को प्रभावित करने के प्रयासों को एक राजनीतिक एजेंडा करार दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि उन्होंने पांच दशक पहले प्रतिबद्ध न्यायपालिका का आह्वान किया था। वे बेशर्मी से अपने स्वार्थों के लिए दूसरों से जवाबदेही की मांग करते हैं लेकिन राष्ट्र को जवाबदेही देने से दूर भागते हैं। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि 1.4 अरब भारतीय उन्हें अस्वीकार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवी चंद्रचूड़ को 26 मार्च को लिखे एक पत्र में कहा गया है, उनकी दबाव की रणनीति राजनीतिक मामलों में सबसे अधिक स्पष्ट होती है, खासकर उन मामलों में जिनमें आरोपी राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। ये रणनीति हमारी अदालतों के लिए हानिकारक हैं और हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने को खतरे में डालती हैं।
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