Mukhtar Ansari Death : मुख्तार अंसारी का शव शनिवार को गाजीपुर जिले में स्थित मोहम्मदाबाद में उनके पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया गया। उन्हें दफ़नाने से पहले उनकी शवयात्रा निकाली गई, जिसमें हज़ारों लोग शामिल हुए। दफ़नाने के बाद उनके भाई अफ़ज़ल अंसारी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह भावुक नज़र आ रहे हैं। अफ़ज़ाल अंसारी ने कहा कि जिस तरह से मुख्तार अंसारी को परिदृश्य से हटा दिया गया, रास्ते से हटा दिया गया।
समय बताएगा, हम इस बात के ठोस सबूत देंगे कि उन्हें जहर दिया गया था। अफ़ज़ाल अंसारी ने आरोप लगाया कि पूरी सरकार और उसकी मशीनरी ने जघन्य अपराधी को बचाने की साजिश रची है। उन्हें शर्म आनी चाहिए। 26 मार्च को मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। अधीक्षक ने कहा कि उन्हें इसलिए भेजा गया क्योंकि डॉक्टरों ने सलाह दी थी। सुबह तीन बजे हमें संदेश मिला कि मुख्तार अंसारी की हालत गंभीर है।
जब हम अस्पताल पहुंचे तो हमें केवल पांच मिनट के लिए उनसे मिलने की इजाजत दी गई। पांच के दौरान -मिनट की मुलाकात में मुख्तार अंसारी ने कहा कि उन्हें जहर दिया गया था और इसलिए वह बेहोश हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दर्द हो रहा था और वह बेहोश हो गए और उसी हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बता दें कि बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पोस्टमार्टम के बाद मुख्तार अंसारी का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया। फिर रात 1:15 बजे भारी पुलिस बल के साथ मुख्तार अंसारी का शव (Mukhtar Ansari Death) मोहम्मदाबाद गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। वहां उन्हें काली बाग कब्रिस्तान में उनके पिता और मां की कब्र के पास दफनाया गया। इस दौरान गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।


