Lok Sabha Election 2024 : जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बरेली सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। बुधवार की सुबह जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। मेरी पत्नी चुनाव लड़ रही हैं। मैं सीधे अपने क्षेत्र जाऊंगा। इसके बाद वह अपने जौनपुर के लिए रवाना हो गए। बता दें कि रिहाई की अनुमति लेकर स्पेशल मैसेंजर जौनपुर जेल से बरेली सेंट्रल जेल के लिए रवाना हुआ था।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह को शनिवार को जौनपुर जेल से बरेली सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। धनंजय सिंह को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। उसी दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धनंजय सिंह को जमानत दे दी थी, लेकिन उन्होंने सजा रोकने के लिए जमानत लेने से इनकार कर दिया था। धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी जौनपुर से बसपा की लोकसभा प्रत्याशी हैं और उन्हें एक मई को नामांकन दाखिल करना था।
धनंजय सिंह की रिहाई में देरी के कारण अब श्रीकला चार मई को नामांकन दाखिल करेंगी। धनंजय सिंह को अपहरण और रंगदारी के एक मामले में सात मार्च को सजा सुनाई गई थी। उस मामले में अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो के खिलाफ अपहरण और रंगदारी की प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने तीन माह में ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने 2 अप्रैल 2022 को धनंजय और उसके साथी पर आरोप तय किए थे। 130 तारीखों की सुनवाई के बाद 5 मार्च 2023 को धनंजय और दो अन्य को दोषी पाया गया।
7 मार्च 2024 को उन्हें सजा सुनाई गई। 27 अप्रैल को शासन के आदेश पर जौनपुर पुलिस ने धनंजय सिंह को बरेली सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया। इस बीच हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। मंगलवार को जौनपुर जिला जेल अधीक्षक एसके पांडेय ने रेडियो मैसेंजर के जरिए रिहाई वारंट बरेली सेंट्रल जेल भेजा। बुधवार की सुबह धनंजय सिंह जेल से रिहा हो गए।


