Lok Sabha Election 2024 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दावा किया कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) राज्य में अपना खाता भी नहीं खोलेगी। मुख्यमंत्री छोटी काशी के नाम से मशहूर लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ में भाजपा प्रत्याशी अजय मिश्रा ‘टेनी’ के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
सपा पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि कन्नौज समेत सभी पांच सीटों पर सपा की हार तय है, जहां से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा कह रही है कि राम मंदिर का निर्माण अनावश्यक था। चुनाव आगे बढ़ने के साथ ही दो बातें स्पष्ट हो गई हैं।
एक तरफ राम भक्त हैं जो विकास योजनाओं से देश का भला कर रहे हैं तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को अपमानित करने वाले, आस्था से छेड़छाड़ करने वाले देशद्रोही हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासन में दंगे और कर्फ्यू होते थे। व्यापारी और बेटियां असुरक्षित थीं। हमारी सरकार बेटियों से लेकर व्यापारियों तक सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है और कोई भी व्यापारियों से फिरौती नहीं मांग सकता।
फिरौती मांगने वालों को अब सीधे नर्क का रास्ता दिखाया जा रहा है। इस दौरान सीएम योगी ने सैम पित्रोदा और राम गोपाल यादव के बयानों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। गोला में जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा के लोग भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे। अब ये लोग राम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
लखीमपुर खीरी में सीएम योगी ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वालों को सबक सिखाने का समय आ गया है। कांग्रेस के समय में देश में घुसपैठ होती थी। आतंकवाद और नक्सलवाद चरम पर था और विकास कार्य ठप थे। गरीबों के लिए बनी योजनाओं को आपस में बांट लिया जाता था। आज 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा देश को बांटने की साजिश कर रही है।
कांग्रेस के समय देश की सीमाएं असुरक्षित थीं, आतंकवाद और नक्सलवाद चरम पर था, जबकि सपा राम भक्तों पर गोलियां चलाती थी और आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेती थी। लेकिन इस बार पूरे देश में एक ही आवाज गूंज रही है कि जो राम को लेकर आए हैं, वही उन्हें फिर से लेकर आएंगे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए जनता से भाजपा को वोट देने की अपील की।


