Lok Sabha Election 2024 : उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बीच कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का अहम रोल होते जा रहा है। पहले कुंडा के विधायक से भाजपा ने समर्थन मांगा था। लेकिन बीते मंगलवार को राजा भैया ने समर्थकों के साथ मीटिंग की और फिर किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं देने का फैसला किया, उसके बाद पूर्वांचल के सियासत में हलचल मच गई। हालांकि सूत्रों की मानें तो राजा भैया की बात सपा के साथ बनती नजर आ रही है।
सपा ने आखिर क्यों किया राजा भैया से संपर्क
सूत्रों की मानें तो कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का रोल पूर्वांचल की कौशांबी, प्रतापगढ़ और इलाहाबाद सीट पर काफी अहम होने जा रहा है। इस वजह से समाजवादी पार्टी ने राजा भैया से संपर्क किया है। सूत्रों की मानें तो राजा भैया समाजवादी पार्टी का समर्थन भी कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले राजा भैया ने बीते मंगलवार को किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करने का फैसला किया था। यह फैसला उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मीटिंग करने के बाद किया था।
गौर करने वाली बात यह है कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता और कुंडा के विधायक राजा भैया और जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) को लेकर बड़ा फैसला किया था। राजा भैया ने बेंती प्लेस में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।
राजा भैया ने जनता से किया अपील
उन्होंने अपील कि नोट नहीं वोट देने का विकल्प चुनें। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के साथ कौशांबी से बीजेपी प्रत्याशी विनोद सोनकर ने राजा भैया से मुलाकात करके उनका समर्थन मांगा था। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज ने भी राजा भैया से मुलाकात की थी।
बता दें कि बीजेपी ने कौशांबी से विनोद सोनकर को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि समाजवादी पार्टी ने पुष्पेंद्र सरोज को कौशांबी सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है।


