Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में मतदान 20 मई यानि आज जारी है। इस चरण में 6 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेश के 49 सीटों पर चुनाव होगा। इन सीटों पर कई ऐसे चेहरों हैं जिनकी प्रतिष्टा दाव पर लगी हुई है।
इन सीटों पर दिग्गजों की प्रतिष्टा लगी हैं दाव पर
रायबरेली : रायबरेली और अमेठी पर भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर देखने को मिलेगी क्योंकि रायबरेली से इस बार भाजपा को टक्कर देने के लिए सोनिया गांधी के स्थान पर खुद कांग्रेस के नेता राहुल गांधी चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं भाजपा इस सीट पर अपनी पकड़ बनाने की पुरजोर कोशिश करती नजर आ रही है। भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है।
अमेठी : उत्तर प्रदेश की रायबरेली औऱ अमेठी को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने वायनाड के साथ-साथ अमेठी सीट से भी चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें भाजपा की स्मृति ईरानी से हार का स्वाद चखना पड़ा था। वहीं इस आम चुनाव में कांग्रेस ने अलग दाव खेला है। राहुल गांधी को रायबरेली भेजकर कांग्रेस ने गांधी परिवार के वफादार माने जाने वाले केएल शर्मा को स्मृति ईरानी के खिलाफ मैदान में उतारा है।
लखनऊ : लखनऊ सीट जिसका प्रतिनिधित्व कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी किया करते थे। यह सीट 1991 से भाजपा का गढ़ रही है। वहीं इस सीट से तीसरी बार भाजपा के केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है यहां से राजनाथ सिंह को टक्कर देने के लिए सपा ने रविदास मेहरोत्रा और बहुजन समाजवादी पार्टी ने सरवर मलिक को चुनावी मैदान में उतारा है।
कैसरगंज : पांचवे चरण में इस सीट पर भी मतदान होने हैं। वहीं यहां से विवादों में रहे कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और सागर के वर्तमान सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह को भाजपा ने चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं इस सीट पर भी मुकाबला त्रिकोणीय है। करण भूषण का मुकाबला समाजवादी पार्टी के भगत राम मिश्रा और बहुजन समाजवादी पार्टी के नरेंद्र पांडे से है। वहीं पिता पर लगे यौन उत्पीड़न मामले के बाद करण भूषण को इस सीट पर जनता का कितना समर्थन मिलता है इसका खुलासा तो 4 जून को आने वाले परिणाम से ही पता चलेगा।
फतेहपुर : फतेहपुर का भारत के इतिहास का पहला ऐसा संसदीय क्षेत्र जहां एक पार्टी का गठन करने वाले संस्थापक ने चुनाव लड़कर कामयाबी प्राप्त की औऱ देश का प्रधानमंत्री बना। पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने 1988 में जनता दल पार्टी की स्थापना की थी। यहीं से निर्वाचित होकर वीपी सिंह ने 2 दिसंबर 1989 को देश के आठवें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लिया था। वहीं इसी सीट से भाजपा की प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति मैदान में उतरे हैं। तथा इनके विरूद्ध समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र उत्तम पटेल चुनावी रण में उतरे हैं।
4 जून को आएंगे नतीजे
2019 की बात करें तो इन 49 सीटों में भाजपा ने 32 सीटें जीती, शिवसेना ने 7, टीएमसी ने 4 जीती थीं। वहीं कांग्रेस सिर्फ एक रायबरेली की ही सीट जीत पाई थी। अन्य के खाते में 5 सीटें गई थी । आज सीटों पर 695 उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में कैद हो जाएगा। जिसका फैसला 4 जून को होगा।


