लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को घोषित हो चुके हैं। यूपी में बड़ा उलटफेर करते हुए सपा उत्तर प्रदेश की सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बन गई है। उत्तर प्रदेश में 80 में से 37 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की है। वहीं, दूसरे नंबर पर 33 सीटों के साथ बीजेपी और 6 सीटों पर कांग्रेस तीसरे स्थान पर है। गौरतलब बात यह है कि BSP 2014 की तरह इस बार भी सूबे में एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि बहुजन समाज पार्टी ने अकेले चुनाव लड़कर किसे फायदा पहुंचाया और किसे नुकसान?आगे जानिए अगर बहुजन समाज पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ती तो फिर कैसी तस्वीर बनती।
इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ती BSP तो फिर कैसी बनती तस्वीर
बता दें कि यूपी में बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया था। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को 9.39 फीसदी वोट मिले, लेकिन एक भी सीट हासिल नहीं हुई। कांग्रेस के कुछ नेता आखिरी वक्त तक बहुजन समाज पार्टी को इंडिया गठबंधन में लाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मायावती का कहना था कि गठबंधन में चुनाव लड़ने से बहुजन समाज पार्टी को नुकसान होता। हालांकि, 2024 के लोकसभा में बसपा ने यूपी में कोई सीट नहीं जीती, लेकिन इसके चलते परोक्ष रूप से बीजेपी को 16 सीटों पर फायदा मिला। अगर इंडिया गठबंधन ने भी ये सीटें जीत ली होतीं, तो एनडीए की कुल सीटों की संख्या घटकर 278 और बीजेपी की 226 हो जाती।
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बीजेपी को इन 16 सीटें पर हुआ फायदा
मिश्रिख, अकबरपुर, अलीगढ़, अमरोहा, भदोही, बिजनौर, बांसगांव, देवरिया, फतेपुर सीकरी, हरदोई, मेरठ, फर्रुखाबाद, मिर्ज़ापुर, फूलपुर, उन्नाव और शाहजहांपुर वो सीटें हैं जहां गौरतलब बात यह है कि BPS 2014 की तरह इस बार भी सूबे में एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है। जहां बसपा को जीत के अंतर से ज्यादा वोट मिले। बीजेपी ने इनमें से 14 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और अपना दल (सोनीलाल) ने दो सीटों बिजनौर और मिर्जापुर पर जीत हासिल की।


