Neet Exam 2024 : नीट पेपर लीक मामले में पटना ‘इकनॉमिक ऑफेंस यूनिट’ (EOU) ने बड़ा एक्शन लेते हुए 9 परीक्षार्थियों को नोटिस भेजा है। EOU ने सभी परीक्षार्थियों को पेपर लीक मामले की जांच कर अपने अभिभावकों के साथ पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है। जिन परीक्षार्थियों को नोटिस भेजा गया है, उन्होंने 5 मई को हुई नीट परीक्षा में हिस्सा लिया था। ये सभी बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में नाराजगी है।
नीट पेपर लीक मामले में 13 लोगों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस की अब तक की छानबीन में सॉल्वर गिरोह के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे। इनमें से चार को पुलिस ने पेपर लीक के समय ही गिरफ्तार कर लिया था। सूत्रों ने बताया है कि बाकी के नौ परीक्षार्थियों के बारे में जानकारी के लिए EOU ने परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को चिट्ठी लिखी थी। EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों के मुताबिक NTA ने अपने जवाब में मांगे गए परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड भेजे थे।
पेपर लीक मामले की जांच कर रही EOU को एडमिट कार्ड के जरिए ही परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर और पते की जानकारी मिली थी। परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए इसी पते पर नोटिस भेजकर बुलाया गया है। अब जांच कर रहे अधिकारी परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों से साल्वर गिरोह से उनके जुड़ाव के बारे में सवाल करेंगे। यह भी पूछा जाएगा कि क्या नौ परीक्षार्थियों को भी साल्वर गिरोह ने परीक्षा से पहले क्वेश्चन पेपर रटवाए थे या नहीं।
वहीं, बिहार पुलिस की ‘इकनॉमिक ऑफेंस यूनिट’ ने पिछले महीने कहा था कि उसकी जांच से पता चला है कि नीट-यूजी के क्वेश्चन पेपर और आंसर 5 मई को होने वाली परीक्षा से पहले ही लगभग 35 उम्मीदवारों को दे दिए गए थे। पेपर लीक मामले में अभी तक पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें से चार अभियुक्त परीक्षार्थी हैं और बाकी उनके अभिभावक और सॉल्वर गिरोह के सदस्य हैं. इन सभी को बारी-बारी से रिमांड पर लेकर EOU ने पूर्व में ही पूछताछ भी कर चुकी है।
गुजरात से 5 लोगों की हुई गिरफ्तारी
दूसरी ओर, जहां पुलिस का एक्शन पटना में दिख रहा है। ऐसे ही गुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा कस्बे में भी पुलिस ने एक्शन लिया है। यहां एक स्कूल के प्रिंसिपल और टीचर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 27 परीक्षार्थियों से इन लोगों ने 10-10 लाख रुपये रिश्वत के बदले नीट परीक्षा पास कराने में मदद करने की कोशिश की। स्कूल में ही नीट का सेंटर था, जहां ये 27 बच्चे पेपर देने पहुंचे हुए थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक्शन लिया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।


