Ghazipur : आम चुनाव संपन्न होने के बाद 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में कई नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेते नजर आए। इस मौके पर समाजवादी पार्टी (सपा) के गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी लोकसभा में नजर आए, लेकिन उन्होंने शपथ नहीं ली। अफजाल अंसारी के शपथ न लेने की वजह कुछ और नहीं बल्कि कानूनी विवाद है। इससे पहले अफजाल अंसारी को गैंगस्टर के एक मामले में चार साल की सजा सुनाई गई थी।
इस आदेश के चलते उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके खिलाफ अफजाल अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वहां उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 14 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सदस्यता बहाल कर दी, लेकिन कुछ पाबंदियां लगा दीं। इसमें कहा गया कि अफजाल अंसारी सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकते।
ये भी देखें : Akhilesh Yadav News : अखिलेश के इस बयान से राजनीति में भूचाल | #akhileshyadav #news |
इसी आदेश के आधार पर लोकसभा सचिवालय ने अफजाल अंसारी को नए सत्र में शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया। हालाँकि अफजाल अंसारी ने गाजीपुर सीट से जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है और सांसद बन गए हैं, लेकिन शपथ न लेने के कारण उनके अधिकार सीमित हैं। नियमों के अनुसार वे महज एक डमी सांसद हैं, क्योंकि निर्वाचित उम्मीदवारों के पास शपथ लेने से पहले सीमित अधिकार होते हैं।
वे संसद में किसी भी बहस या चर्चा में भाग नहीं ले सकते। यहां तक कि सदन में वोट देने का अधिकार भी सीमित है। संविधान के अनुच्छेद 99 में कहा गया है कि प्रत्येक सदस्य को सदन में अपना स्थान ग्रहण करने से पहले सार्वजनिक प्राधिकारियों के समक्ष शपथ लेनी चाहिए ताकि वह वैधानिक रूप से इसके द्वारा अधिकृत हो सके।


