दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला केस में आरोपी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगी है। CBI अपना जवाब सात दिन में दाखिल करेगी। उसके बाद 2 दिन में अरविंद केजरीवाल उसका प्रतिउत्तर देंगे, यानी CBI के जवाब पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। 17 जुलाई को कोर्ट सुनवाई करेगा।
केजरीवाल के वकील ने CBI की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए
कोर्ट में आज 2 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल के वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने CBI की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2 साल पहले दर्ज मामले में केजरीवाल को 6 महीने पहले समन किया गया था। ED की गिरफ्तारी के बाद 23 जून को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसकी कोई जरूरत ही नहीं थी।
एडवोकेट सिंघवी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कोई आतंकवादी नहीं है ना ही उनके देश छोड़कर भागने की आशंका यानी फ्लाई रिस्क भी नहीं है। केजरीवाल पहले से ही न्यायिक हिरासत मे थे। कोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि 2022 में दर्ज मामले पर 2024 में पूछताछ की गई।
अरेस्ट की आवश्यकता सिर्फ 6 लाइन में बताई गई
केजरीवाल ने CBI द्वारा की गई गिरफ्तारी के साथ ही सीबीआई की रिमांड को साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के आधार लचर हैं, अरेस्ट की आवश्यकता सिर्फ 6 लाइन में बताई गई है।
इस दौरान जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पूछा कि अभी इस अर्जी में आप सिर्फ गिरफ्तारी को अवैध बता रहे हैं? इसमें जमानत के लिए कोई प्रार्थना नहीं है। इस पर सिंघवी ने कहा कि हां, आप सही कह रही हैं। हम जमानत के लिए अलग अर्जी दाखिल करेंगे।
CBI के वकील डीपी सिंह ने कहा कि इसी आधार पर एक और आरोपी की याचिका हाईकोर्ट में लंबित है, उस पर जुलाई के तीसरे हफ्ते में सुनवाई होगी? इस पर जस्टिस बंसल ने कहा कि उसके साथ ही सुनवाई की तारीख तय कर सकते हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 जुलाई को रखी है।


