UP Flood News : उत्तर प्रदेश के कई नदियों बाढ़ से प्रभावित हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाली नदियों का जल स्तर खतरें के निशान से ऊपर है। फिलहाल, प्रदेश के छह जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों में हुए हादसों में छह लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग लापता हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का यलो अलर्ट जारी किया है।
बाढ़ ने ले ली पांच लोगों की जान
बता दे कि मंगलवार और बुधवार को राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। गुरुवार 18 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़ ने पांच जानें लीं जबकि एक व्यक्ति लापता है। मरने वालों में चार सिद्धार्थनगर के हैं जबकि गोरखपुर के एक व्यक्ति की राप्ती नदी में डूबने से मौत हो गई। वहीं एक व्यक्ति तालाब में नहाने के दौरान डूब गया। उसका कुछ पता नहीं चल सका। गोण्डा के तरबगंज में भगला नदी में नाव पलटने से तीन लोग डूब गए। जिनमें से एक का शव बरामद हो गया है लेकिन दो लोग अभी लापता हैं।
इन जगहों पर बढ़ा जलस्तर
वही शाहजहांपुर में कनौट, गर्रा और रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की वजह से तमाम गांव और मुख्य मार्ग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। दूसरी ओर सीतापुर में गोमती, बलिया में सरयू, आजमगढ़ में घाघरा, हरदोई में गर्रा और मऊ में सरयू खतरे के निशान को पार कर चुकी है। राप्ती, गर्रा और कुआनो का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। राप्ती का पानी 23 सेंटीमीटर बढ़ा है।
यह लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यह नदी रविवार को एक मीटर 33 सेंटीमीटर खतरे के निशान के पास पहुंच गई है। सबसे राहत की बात यह है कि सरयू नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन भी गिरा है। नदी 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर घटी है। इसी तरह रोहिन नदी का जलस्तर भी रविवार को 12 सेमी नीचे आया है जबकि एक दिन पहले रोहिन के जलस्तर में 33 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रोहिन नदी अब खतरे के निशान से केवल दो सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। प्रशासन के मुताबिक गोरखपुर के 45 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से यह जानकारी मिली है।


