UP Politics : समाजवादी पार्टी (सपा) का PDA यानी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक फॉर्मूला लोकसभा चुनावों में कामयाब रहा है। माना जा रहा है कि PDA ने ही भाजपा को यूपी में हरवाया है। इसे सपान की कामयाबी और जीत का मंत्र भी माना जा रहा है। लगता है कि अब समाजवादी पार्टी आगे की सियासी रणनीति भी इसी फॉर्मूला को ध्यान में रखकर बनाने जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश (UP) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद पार्टी पीडीए फॉर्मूला के तहत ही किसी नेता को देगी। माना जा रहा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव किसी दलित नेता को यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बना सकती है।
रेस में कौन-कौन रहेंगे शामिल?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल नेता प्रतिपक्ष बनने की रेस में सबसे आगे समाजवादी पार्टी के विधायक इंद्रजीत सरोज हैं। दूसरी तरफ ओबीसी से आने वाले राम अचल राजभर का नाम भी लगातार चर्चाओं में बना हुआ है।
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चर्चाओं मेंशिवपाल यादव का भी नाम
सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव का नाम भी लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। सियासी हलकों में चर्चा है कि सपा प्रमुख अखिलेश अपने चाचा को ही ये जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। दूसरी तरफ माता प्रसाद पांडेय का नाम भी चल रहा है। मगर सूत्रों से मिली जानकारी की मुताबिक तो सपा PDA के तहत किसी दलित नेता पर ही दांव खेल सकती है।बता दें कि 29 जुलाई को यूपी विधानसभा का सत्र है। माना जा रहा है कि इससे पहले ही उत्तर प्रदेश (UP) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की घोषणा हो सकती है।


