Ayodhya Rape Case : अयोध्या में एक नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामला ने राजनीतिक पार्टियों में हलचल मचा दी है। इस मामले में विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाओं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच इस घटना को लेकर तीखी बयानबाजी हो रही है, जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोपी का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
सपा की मांग- डीएनए टेस्ट और सजा की अपील
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जो भी आरोपी हैं, उनका डीएनए टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोप सही हैं या नहीं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस गंभीर मामले (Rape Case) में केवल राजनीति की जा रही है, जबकि असली मुद्दा पीड़िता को न्याय दिलाने का होना चाहिए। उन्होंने कहा,जो भी दोषी होगा, उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने सरकार से अपील की है कि अगर डीएनए टेस्ट के बाद आरोप झूठे साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सपा ने इस केस में पीड़िता को तत्काल 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की भी मांग की है।
पीड़िता और परिवार की मदद करें- सपा प्रमुख
समाजवादी पार्टी के नेता और यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और राज्य सरकार से उचित कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा, मामले की सही ढंग से जांच की जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसमें कितनी सच्चाई है।
सपा ने इस घटना को लेकर सरकार पर आरोप लगाया कि वह पीड़िता की मदद करने के बजाय सपा की छवि खराब करने में लगी है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि पीड़िता को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए ताकि उसकी परिस्थितियों में सुधार हो सके।
इस तरह के संवेदनशील मामलों में राजनीतिक दलों के बयान और आरोपों (Rape Case) का असर आम जनता और पीड़ितों पर पड़ता है। अब देखना होगा कि इस केस में क्या सही और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर कब खत्म होगा।


