Ayodhya Case : अयोध्या में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। इस मामले में आरोपी सपा नेता मोईद खान की बेकरी पर शनिवार को बुलडोजर चला दिया गया। जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने अवैध भूमि पर बेकरी बनवाई थी। इस कार्रवाई ने राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान को और तीव्र कर दिया है।
अखिलेश यादव का बयान
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आरोपी के डीएनए टेस्ट के माध्यम से न्याय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले (Ayodhya Case) को लेकर केवल राजनीति की जा रही है और सच्चाई का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट कराना आवश्यक है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि यदि आरोप साबित होते हैं, तो अरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मायावती ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
वहीं, बीएसपी प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए पूछा, सपा सरकार में ऐसे कितने डीएनए टेस्ट हुए हैं? मायावती का यह सवाल सपा की नीतियों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर एक सीधा हमला था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में पीड़ितों के अधिकारों की अनदेखी की गई है और केवल सियासी लाभ के लिए मुद्दे उठाए जाते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ गई है।


