Bulldozer Action : योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया। 2020 में कानपुर के बिकरू गांव में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी माफिया विकास दुबे का घर बुलडोजर से ढहा दिया गया। इसी घर की छत से दो जुलाई की रात पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था। यह योगी सरकार की पहली प्रमुख कार्रवाई थी, जिसके बाद माफिया मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद के अलावा अन्य अपराधियों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाया गया। दावा किया गया था कि मुख्तार और अतीक की मिलकर करीब 1000 करोड़ रुपये की संपत्तियां बुलडोजर से ढहा दी गई थीं।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगा। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद 22 अगस्त को अयोध्या में उनकी 40 दुकानों वाले शापिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चला दिया गया। उसी दिन कन्नौज में नाबालिग से बलात्कार के आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के रिश्तेदार के नाम पर बने कोल्ड स्टोरेज पर भी बुलडोजर चला। यह कोल्ड स्टोरेज ग्राम समाज की जमीन पर बनाया गया था, और पुलिस का कहना है कि नवाब सिंह ने इसे अपने रिश्तेदार के नाम से बनवाया था।
माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी का आतंक एक समय अत्यधिक था, लेकिन योगी सरकार के कार्यकाल में उनका प्रभाव कम हो गया। अतीक अहमद की हत्या के बाद अप्रैल 2023 में उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया। उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक और उनके बेटों की फरारी के दौरान, उनकी अवैध संपत्तियों को ढहाया गया। अतीक और उनके भाई अशरफ की हत्या के बाद, एक बेटा भी मुठभेड़ में मारा गया। प्रशासन ने दावा किया कि अतीक की करीब 750 करोड़ रुपये की संपत्तियां बुलडोजर से ढहा दी गईं। इसी तरह, मुख्तार अंसारी की भी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया, जिसमें डालीबाग वाली ढहाई गई बिल्डिंग शामिल थी। मुख्तार की जेल में 28 मार्च को मौत हो गई।


