Mayawati News : उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षकों की भर्ती के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई है। इस निर्णय के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षकों की भर्ती सूची को नए सिरे से जारी करने के हाई कोर्ट के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है। हाई कोर्ट ने आरक्षण नियमों का पालन न होने के आधार पर मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया था, जिससे लगभग 19,000 लोग प्रभावित हो सकते हैं, जो पिछले चार साल से नौकरी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के कानूनी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद अपने अंतिम आदेश का आश्वासन दिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों से अधिकतम सात-सात पन्नों में लिखित दलीलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार से भी जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
सोशल मीडिया पर मायावती ने चिंता व्यक्त की
बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati News) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्हें उनका संवैधानिक हक अवश्य मिलना चाहिए। सरकार को इस मामले में ईमानदार रूख अपनाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की नाइंसाफी न हो। मायावती की टिप्पणी ने इस मामले में सियासी गर्मी को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह मामला ना केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक न्याय और आरक्षण की रक्षा से भी संबंधित है।
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