Chandrashekhar Azad : दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में बुधवार को उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की एक विशाल रैली आयोजित की गई। इस रैली में पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था, जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी उनके समर्थक पहुंचे थे।
रैली का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में उप-वर्गीकरण के फैसले के खिलाफ विरोध प्रकट करना था। 1 अगस्त, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले की घोषणा की थी, जिसके तहत राज्य सरकारों को SC और ST समुदायों के भीतर विभिन्न जातियों के लिए अलग-अलग आरक्षण कोटा निर्धारित करने की अनुमति दी गई है। इस निर्णय के बाद, जातिगत जनगणना की आवश्यकता को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है।
जातिगत जनगणना और आरक्षण पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने रैली को संबोधित करते हुए जातिगत जनगणना की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए यह जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण है। रैली में “संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ” के पोस्टर भी prominently दिखे, जो भीम आर्मी और उनके समर्थकों के इस मुद्दे के प्रति गहरी चिंता को दर्शाते हैं।
स्टेडियम में ST, SC और OBC समुदायों के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने रैली की विशालता को और बढ़ा दिया। चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में यह रैली इस बात का संकेत है कि देशभर में इस फैसले को लेकर कितनी गहरी असंतोष की भावना है और जातिगत असमानताओं के खिलाफ एक व्यापक जन आंदोलन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


