Meerut Building Collapse : शनिवार शाम की बारिश ने मेरठ के थाना लोहिया नगर के मोहल्ला जाकिर कालोनी में भारी तबाही मचा दी। तीन मंजिला एक मकान इतनी तेजी से ढहा कि उसमें मौजूद परिवार के लगभग 15 लोग मलबे में दब गए। रविवार सुबह 3 बजे तक लगभग 10 घंटों के रेस्क्यू ऑपरेशन में 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें से जिलाधिकारी के अनुसार 6 लोगों की मौत हो चुकी है। 4 लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
बारिश के कारण ढही इमारत
घटनास्थल पर तत्काल पहुंचे हजारों लोगों की भीड़ और मलबे के भारी लेंटर की परतों के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन तंग गलियों और भारी मलबे की वजह से जेसीबी जैसी मशीनें घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाईं। इसके कारण मैनुअल रेस्क्यू ऑपरेशन करना पड़ा।
जाकिर कालोनी के तंग गलियों में स्थित (Meerut) इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर भैंसें पाली जाती थीं और परिवार डेरी चलाता था। ऊपर के दो फ्लोर्स पर 63 वर्षीय नफीस और उनके तीन बेटों के परिवार के सदस्य रहते थे, जिनमें तीन महिलाएं, एक पुरुष और 8 से 10 बच्चे शामिल थे। इन सबके दबने की सूचना मिली है।
मलबे में कई लोगों के फंसे होने की खबर
घटना की सूचना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी से जानकारी ली और प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्परता से कमिश्नर शेल्वा कुमारी जे, एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की। NDRF और SDRF की तीन टीमें और आर्मी से मदद मांगी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही समस्याओं के बावजूद, NDRF और SDRF की टीमों ने छोटी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का प्रयास किया। रात का अंधेरा, लगातार बारिश और तंग गलियों में भीड़ की वजह से बचाव कार्यों में खासी दिक्कतें आईं।
इस परिवार के कुछ सदस्य (Meerut) जो घर के बाहर थे, इस हादसे का शिकार होने से बच गए। उनके अनुसार, घटना के समय मकान में कुल लगभग 15 लोग मौजूद थे। फिलहाल, 11 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है और 4 लोगों की तलाश जारी है।


