Delhi CM : आतिशी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनने वाली हैं। अरविंद केजरीवाल के आवास पर विधायक दल की बैठक में खुद आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिस पर विधायकों ने खड़े होकर अपनी सहमति दी। केजरीवाल के जेल जाने के बाद सरकार की सबसे ताकतवर मंत्री के रूप में उभरीं आतिशी, कालकाजी से पहली बार की विधायक हैं।
दिल्ली की शिक्षा नीति तैयार करने में आतिशी की अहम भूमिका रही है। उन्हें केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का विश्वासपात्र माना जाता है। करीब 18 विभागों का जिम्मा संभाल चुकी आतिशी को प्रशासन का अच्छा अनुभव है और वह पार्टी के पक्ष को मीडिया के सामने मजबूती से रखती रही हैं। सीएम के रूप में आतिशी की नियुक्ति से केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले आधी आबादी को भी साधने की कोशिश की है।
कथित शराब घोटाले में कई महीनों तक जेल में रहने के बाद केजरीवाल ने रविवार को इस्तीफे की घोषणा की थी। वह मंगलवार शाम एलजी वीके सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। केजरीवाल ने कहा है कि वह तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं लौटेंगे जब तक चुनाव जीतकर जनता से ईमानदारी का सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर लेते। 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 62 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी।
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केजरीवाल ने तीसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला था लेकिन 2021-22 में बनी शराब नीति को लेकर पार्टी मुश्किलों में घिर गई। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और स्वयं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से भारतीय जनता पार्टी ने उनके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और इस्तीफे का दबाव बनाया।
केजरीवाल इस बात पर अड़े रहे कि वह जेल से ही सरकार चलाएंगे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने अचानक पद छोड़ने का ऐलान किया, जिससे सभी को चौंका दिया। नए मुख्यमंत्री की घोषणा से पहले आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह पद विधानसभा चुनाव तक के लिए दिया जा रहा है। अगर अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत मिली तो केजरीवाल ही मुख्यमंत्री के पद पर लौटेंगे।


