UP News : पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को हाईकोर्ट से झटका लगा है उनकी जमानत खारिज कर दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दुराचार के मामले में उन्हें जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया। प्रजापति वर्तमान में दुराचार के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं और उन्होंने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है।
गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ 18 फरवरी, 2017 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर थाना गौतमपल्ली में गैंगरेप, जानमाल की धमकी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। यह आदेश पीड़िता की याचिका पर दिया गया, जिसमें उन्होंने प्रजापति और उनके साथियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था, साथ ही अपनी नाबालिग बेटी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया था।
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18 जुलाई, 2017 को पॉक्सो की विशेष अदालत ने गायत्री सहित सभी सात अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। इनमें आईपीसी की धारा 376 डी, 354 ए(1), 509, 504 और 506 शामिल हैं। गायत्री, विकास, आशीष और अशोक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 5जी/6 के तहत भी आरोप लगाए गए थे। 12 नवंबर 2021 को सत्र अदालत ने गायत्री, आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को उम्र कैद की सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।


