UP News : उत्तर प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (डीए) और बोनस का उपहार देने की योजना बना रही है। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में आवश्यक फाइल तैयार की जा रही है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो लगभग 15 लाख राज्य कर्मियों और शिक्षकों को डीए में 4 प्रतिशत की वृद्धि का लाभ मिलेगा, जिससे डीए 50 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो जाएगा। इस बढ़ोतरी का लाभ जुलाई महीने से गणना शुरू होने के साथ कर्मचारियों को मिलेगा।
बोनस का लाभ करीब 8 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। पिछले साल राज्य कर्मियों को बोनस के रूप में लगभग 7 हजार रुपये दिए गए थे, और नॉन गजेटेड अफसरों के लिए भी बोनस देने का प्रावधान है। यह बोनस बेसिक पे और डीए के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
शिक्षकों की समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय
विधान परिषद सभापति के निर्देश पर बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने की। बैठक में तदर्थ शिक्षकों के वेतन, तैनाती और शिक्षा मित्रों के मानदेय के मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने पर सहमति बनी।
बैठक में शिक्षक (UP News) विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल और स्नातक विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय (एडेड कॉलेजों) के तदर्थ शिक्षकों के संबंध में 9 नवम्बर 2023 के आदेश को वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस आदेश के बाद से वेतन के संबंध में न्यायालय द्वारा निर्णय लिए जा रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर एक माह के अंदर निर्णय लेने पर सहमति जताई।
पेंशन और सेवा सुरक्षा के मुद्दे
बैठक में 22 मार्च 2016 के आदेश के तहत (UP News) विनियमित हुए शिक्षकों को पेंशन नहीं देने का मुद्दा भी उठाया गया। शिक्षक विधायक ने कहा कि इस पर तदर्थ और अर्हकारी सेवाओं को जोड़ने के लिए मांग की गई थी, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। इस पर भी एक महीने के अंदर निर्णय लेने पर सहमति बनी।
शिक्षक नेताओं ने वर्ष 1981 से 2020 तक 40,000 शिक्षकों-कर्मचारियों की बिजलेंस (सर्तकता) जांच का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने कहा कि केवल जिनकी शिकायतें हैं, उन्हें ही बुलाकर पूछताछ की जानी चाहिए, ताकि अन्य सभी शिक्षकों-कर्मचारियों को परेशान नहीं किया जाए।
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इसके अलावा, एमएलसी ने बताया कि राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग में सेवा सुरक्षा, दंड प्रक्रिया, निलंबन, अनुमोदन की नियमावली अभी तक नहीं बनी है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि यह नियमावली बन रही है और इसमें चयन बोर्ड नियमावली-1998 की धारा 12, 18 और 21 को जोड़ा जाएगा।


