Mayawati News : बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में एक बयान में कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी पार्टियों को केवल तब दलितों की याद आती है जब उन्हें राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि ये पार्टियां, अपने अच्छे दिनों में दलित नेताओं को दरकिनार कर देती हैं और उनके स्थान पर जातिवादी नेताओं को प्रमोट करती हैं।
मायावती ने कांग्रेस और बीजेपी पर लगाया आरोप
मायावती (Mayawati News) ने विशेष रूप से हरियाणा के राजनीतिक घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए बताया कि जब राजनीतिक स्थिति अनुकूल होती है, तो दलित नेताओं को संगठन के महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अपमानित दलित नेताओं को अपने मसीहा बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर से प्रेरणा लेकर इन पार्टियों से अलग हो जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बाबा साहेब ने भी अपने स्वाभिमान के लिए केंद्रीय कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी प्रकार, उन्होंने भी सहारनपुर में दलित उत्पीड़न के मामले में उपेक्षा का सामना करते हुए अपने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया। मायावती ने दलितों को बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने की सलाह दी और कहा कि उन्हें जातिवादी पार्टियों से सावधान रहना चाहिए।
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इसके अलावा, मायावती ने कांग्रेस पर आरक्षण के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि राहुल गांधी ने विदेश में आरक्षण समाप्त करने की बात की है। उन्होंने दलित समुदाय को इन संविधान और आरक्षण विरोधी पार्टियों से सचेत रहने का संदेश दिया।
मायावती का यह बयान दर्शाता है कि वे दलितों के अधिकारों के प्रति गंभीर हैं और उन्हें अपनी राजनीतिक पहचान के लिए जागरूक करने की आवश्यकता महसूस करती हैं। उनकी इस आलोचना से यह स्पष्ट है कि वे चाहती हैं कि दलित समाज अपनी ताकत को समझे और जातिवादी राजनीति के खिलाफ खड़ा हो।


