Bhupinder Singh Hooda : हरियाणा में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनी, तो वह किसानों को दिल्ली जाने से नहीं रोकेंगे। यह बयान खासतौर पर उस संदर्भ में महत्वपूर्ण है जब पिछले कुछ वर्षों में किसानों के आंदोलन ने राजनीतिक को काफी प्रभावित किया है।
2020 में कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा और पंजाब में किसानों ने व्यापक प्रदर्शन किए थे, जिसके परिणामस्वरूप मोदी सरकार को अंततः उन कानूनों को वापस लेना पड़ा। आज भी, शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों के साथ धरने पर बैठे हुए हैं। हाल ही में, मार्च में किसानों ने दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया था, लेकिन हरियाणा की बीजेपी सरकार ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा का किसानों के प्रति बड़ा बयान
हुड्डा ने कहा, “भारत में प्रजातंत्र है और हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। लेकिन कानून अपने हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं है। अगर कोई व्यक्ति शांतिपूर्ण तरीके से आएगा, तो सरकार का कर्तव्य है कि उनकी समस्याओं को सुने और समाधान निकाले।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार बनेगी तो वह कानून का पालन कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
किसान आंदोलन का हरियाणा और पंजाब में गहरा असर पड़ा था, जिसमें किसानों ने रेलवे ट्रैक रोका और कई महीनों तक दिल्ली के बॉर्डर पर डेरा जमाए रखा। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा, जिसके चलते पार्टी को 2019 में जीती गई सभी 10 सीटों में से केवल 5 पर जीत मिली।
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किसानों ने बीजेपी सरकार से सवाल किया है कि उन्हें दिल्ली जाने से क्यों रोका गया और हरियाणा पुलिस ने क्यों बल प्रयोग किया। किसानों का यह भी कहना है कि सरकार ने उनके ऋण माफी और एमएसपी पर कानूनी गारंटी के मुद्दे पर उचित कदम नहीं उठाए हैं।


