Hamirpur : यूपी के हमीरपुर में एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बच गई। भरुआ सुमेरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लकड़ी के गुटकों को देख कर लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया और स्टेशन प्रबंधक को इस घटना की सूचना दी। इसके बाद, अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करने लगे।
रेलवे के अवर अभियंता ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया है, क्योंकि कानपुर-बांदा रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम केपीटीएल करा रही है। शुक्रवार को कानपुर से मानिकपुर जाने वाली मेमू ट्रेन सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर आने वाली थी। दोहरीकरण का काम करने वाली कंपनी केपीटीएल ने पटरियों और प्लेटफॉर्म की दीवार के बीच लकड़ी के गुटके लगा रखे थे, लेकिन काम खत्म होने के बाद इन्हें हटाया नहीं गया।
मेमू ट्रेन (Hamirpur) को बिना प्लेटफॉर्म देखे लाइन पर ले लिया गया, जब लोको पायलट ने पटरी पर गुटके देखे, तो उसने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। ड्राइवर ने वॉकी-टॉकी से स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद उच्च अधिकारी प्लेटफॉर्म की ओर दौड़े और पटरियों पर लगे गुटकों को जल्दबाजी में हटाया।
लोको पायलट की सतर्कता की वजह से ट्रेन बेपटरी होने से बच गई। स्टेशन प्रबंधक ने इस मामले की जानकारी आरपीएफ और अन्य अधिकारियों को दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई। रेलवे के अवर अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि यह कंपनी के कर्मियों की बड़ी लापरवाही है, और संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।


