Bahraich Violence : बहराइच में एक युवक की हत्या के बाद उत्पन्न तनाव और उपद्रव ने क्षेत्र को हिंसा की आग में झोंक दिया है। घटना के अगले दिन भी परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और हजारों लोग शव के साथ तहसील मुख्यालय की ओर बढ़ गए। इस दौरान महसी और महराजगंज के क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं होती रहीं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने दोपहर के समय परिवार को अंतिम संस्कार के लिए राजी किया और इसके लिए तेजी से तैयारी शुरू की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सख्ती दिखाई और रोड को पूरी तरह से खाली कराया। जब विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, तो पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
आगजनी और हिंसा की घटनाएं
रविवार को हुई घटना के बाद सोमवार को भी हंगामा जारी रहा। महराजगंज के टीवीएस और हीरो एजेंसी में आग लगा दी गई। प्रशासन ने इस बात को स्वीकार किया कि कुछ जगहों पर आगजनी हुई है, लेकिन जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
घायलों की संख्या बढ़ी
इस सांप्रदायिक हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की हत्या हुई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। घटना में 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें सुधाकर तिवारी (45), सत्यवान (40), अखिलेश वाजपेयी (55), विनोद मिश्रा (60) और लाल विश्वकर्मा (55) शामिल हैं। अधिकतर घायलों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
बहराइच में हुई इस सांप्रदायिक हिंसा में मुख्य आरोपी सलमान सहित 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 30 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर होम सेक्रेटरी संजीव गुप्ता और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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