Bahraich : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हाल ही में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बहराइच में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगले दिन तक कोई भी बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
मंगलवार को सुनवाई के दौरान, जस्टिस बी आर गवई ने टिप्पणी की कि अगर यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का जोखिम उठाना चाहती है, तो यह उनकी मर्जी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण हो रहा है, तो इस पर पहले से ही निर्देशित किया गया है। कोर्ट ने यूपी सरकार को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे बुधवार तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करें।
आरोपियों का तर्क
बहराइच हिंसा के आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि यूपी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई बिना पूर्व सूचना और उचित कारण के हो रही है, जिससे उनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
स्थानीय निवासियों की राहत
सुप्रीम कोर्ट (Bahraich) के इस फैसले से बहराइच के स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। अब, यह यूपी सरकार की जिम्मेदारी है कि वे बुधवार को होने वाली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई न करें। अगली सुनवाई के दौरान, कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ये भी पढ़ें : PM Modi Russia Visit : पीएम मोदी का रूस दौरा, 16वें BRICS सम्मेलन में लेंगे भागीदारी


