Jharkhand Elections : झारखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। भाजपा ने पहले ही उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसके बाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष की लहर उठने लगी है। भाजपा के कई नेता आरोप लगा रहे हैं कि पार्टी ने अपने समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है और अन्य दलों से आए नए सदस्यों को प्राथमिकता दी है।
एक भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी की सूची में घोषित 66 उम्मीदवारों में से आधे से अधिक ऐसे हैं जो अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए हैं। यह स्थिति इस कदर बिगड़ गई है कि कई भाजपा नेता दल बदल रहे हैं। हाल ही में पूर्व विधायक लुईस मरांडी, कुणाल सारंगी और लक्ष्मण टुडू जैसे कई नेता झामुमो में शामिल हो गए हैं। इससे पहले, तीन बार के विधायक केदार हाजरा भी भाजपा छोड़कर झामुमो में शामिल हो गए थे।
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कुणाल सारंगी ने कहा कि उन्होंने विदेश में नौकरी छोड़कर समाज सेवा के लिए भारत लौटने का निर्णय लिया, लेकिन उनकी अनदेखी की गई। उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन अब उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसी तरह, लुईस मरांडी ने भाजपा से 24 साल तक सेवा करने के बाद अलग होने को दुखद बताया और कहा कि पार्टी ने नए सदस्यों को सम्मान दिया, जबकि समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस असंतोष को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई बड़ा असंतोष नहीं है और यह नाराजगी स्वाभाविक है। सरमा ने यह भी बताया कि वे जल्द ही असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात करेंगे। पिछले चुनाव में भाजपा को 41 सीटों से वंचित रहना पड़ा था, जबकि झामुमो ने सबसे अधिक 30 सीटें जीती थीं। वर्तमान में महागठबंधन में 44 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 30 विधायकों का समर्थन है।


