Etawah News : इटावा जिले में पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) सरकारी पोर्टल पर एडमिन आईडी और पासवर्ड में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में जिला पंचायत राज विभाग के डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर (डीपीएम) की मिलीभगत से एक सफाई कर्मी ने गरीबों के बैंक खातों से पैसे निकालकर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।
इस धोखाधड़ी की कुल राशि एक करोड़ 27 लाख रुपये थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब वरिष्ठ अधिकारी डीपीआरओ ने पीएफएमएस पोर्टल पर लॉगिन करने की कोशिश की और पाया कि एडमिन आईडी और पासवर्ड बदल चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच में पता चला कि सहारनपुर के एक सफाई कर्मी ने इटावा के पीएफएमएस पोर्टल की एडमिन आईडी और पासवर्ड बदलकर फर्जी फर्म बनाई। इसके बाद उसने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदलकर गरीबों के बैंक खातों से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। जांच में यह भी सामने आया कि डीपीएम की मिलीभगत के बिना यह सब संभव नहीं था।
पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में डीपीएम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के अनुसार, अप्रैल महीने में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब 40 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया था। डीपीएम सहारनपुर से ट्रांसफर होकर इटावा आए थे और उन्होंने पासवर्ड तथा यूजर आईडी को सफाई कर्मी को बताकर बदलाव करवा लिया। उन्होंने गरीबों के खातों से पैसे निकालने के लिए उनकी सिम लेकर उनके बैंक खातों तक पहुंच बनाई।
जिला पंचायत (Etawah News) राज विभाग स्वच्छता कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद करता है। इन योजनाओं के अंतर्गत गरीबों को लाभ पहुंचाया जाता है, जिसके लिए इटावा के लिए सवा करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस ने अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों में इस धोखाधड़ी के प्रति चिंता और नाराजगी का माहौल है, जबकि अधिकारी मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रहे हैं।
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