Kumbh Mela 2025 : प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है, और इस बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए कई नए उपाय किए जा रहे हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहल है मेले को “ज़ीरो एनिमल ज़ोन” घोषित करना, जिसके तहत महाकुंभ क्षेत्र में निर्धारित स्थानों पर ही पशुओं को रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस संबंध में एक विशेष योजना बनाई है, और इसकी जिम्मेदारी प्रयागराज नगर निगम को सौंपी गई है। इस योजना के तहत, पशुपालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पशुओं को महाकुंभ के दौरान सड़कों पर न छोड़ें। इसके लिए अलग-अलग प्रकार के पशुओं के लिए आश्रय स्थल भी बनाए जाएंगे।
विशेष प्रावधान
प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के दौरान पशुओं को निर्धारित क्षेत्र के बाहर रखने की योजना बनाई गई है। इसके तहत डॉग और कैट जैसे छोटे जानवरों के लिए पांच शेड्स का निर्माण किया जा रहा है। ये शेड्स परेड ग्राउंड में दो, जबकि नैनी, झूंसी और फाफामऊ में एक-एक बनाए जाएंगे। इन आश्रय स्थलों पर पशुओं की खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी।
महाकुंभ क्षेत्र को विभिन्न शहरों से जोड़ने वाले मार्गों पर भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। रीवा रोड, लखनऊ रोड, कानपुर रोड और चित्रकूट मार्ग पर भी पशुओं को निर्धारित क्षेत्रों में ही रखने की योजना है।
मॉनिटरिंग और प्रबंधन
प्रयागराज नगर निगम की 12 टीमें 24 घंटे इस व्यवस्था की निगरानी करेंगी। प्रत्येक टीम में चार सदस्य होंगे, जो बड़े और छोटे पशुओं को महाकुंभ क्षेत्र से बाहर करने के लिए काम करेंगी। नगर निगम के पशु चिकित्सा और कल्याण अधिकारी विजय अमृत राज ने बताया कि महाकुंभ के दौरान कुंभ क्षेत्र पूरी तरह से एनिमल एक्टिविटी फ्री जोन रहेगा, जिसमें संगम क्षेत्र के साथ-साथ नैनी, झूंसी और सिविल लाइंस के क्षेत्र भी शामिल होंगे।
श्रद्धालुओं की संख्या
यूपी सरकार के अनुसार, प्रयागराज महाकुंभ में लगभग 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। ऐसे में सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने की कोशिश की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
ये भी पढ़ें : 26 October Ka Rashifal : जानें किस राशि को मिलेंगी खुशियों की सौगात, पढ़ें अपनी राशिफल
ये भी देखें : Prashant Kishore ने बोला Nitish Kumar की सरकार पर हमला कहा, ‘जंगल राज रिटर्न्स’


