Shahjahanpur : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दिलचस्प और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहां एक किसान को अपने खेत की खुदाई करते समय तलवारों और बंदूकों सहित कई पुरानी अस्त्र-शस्त्रों का जखीरा मिला है। यह मामला जिले के निगोही थाना क्षेत्र के ढकिया परवेजपुर गांव का है, जहां किसान बाबूराम अपने खेत की जोताई कर रहे थे।
इस दौरान उन्हें पहली बार जमीन के भीतर लोहे की तलवार जैसी वस्तु मिली, और जब उन्होंने और खुदाई की, तो काफी संख्या में हथियार बाहर आ गए। खुदाई के दौरान कुल 23 तलवारें, 12 मैचलॉक राइफलों के अवशेष, एक भाला और एक खंजर बरामद हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो बंदूकें मिलीं, उनमें से केवल नाल और लोहे के हिस्से ही सुरक्षित थे, जबकि लकड़ी के हिस्से को दीमक ने खा लिया था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे पुराने मैचलॉक राइफल्स हो सकती हैं। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए उपजिलाधिकारी को अधिकारियों के साथ मौके पर भेजा गया और बरामद हथियारों को थाने के मालखाने में सुरक्षित रखा गया है।
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इन हथियारों को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि ये हथियार 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय के हो सकते हैं। शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के इतिहास विभाग के अध्यक्ष, डॉ. विकास खुराना के अनुसार, यह हथियार रोहिल्ला संस्कृति से संबंधित हो सकते हैं। उनका मानना है कि संभवतः यह हथियार उस समय के क्रांतिकारियों द्वारा छिपाए गए होंगे। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब क्रांतिकारी पराजित हुए थे, तो ब्रिटिश फौज ने उनका पीछा किया था और बहुत से क्रांतिकारी जंगलों में भाग गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि इन क्रांतिकारियों ने इन हथियारों को जमीन में छिपा दिया होगा, क्योंकि पराजित सैनिक आमतौर पर अपने हथियारों को नहीं छोड़ते थे।
यह पुराना हथियारों का जखीरा इतिहास में एक दिलचस्प अध्याय जोड़ता है और यह साबित करता है कि शाहजहांपुर और उसके आसपास के इलाकों में 1857 की क्रांति का असर गहरा था। इस घटनाक्रम ने पुरातत्वविदों और इतिहासकारों को भी चौंका दिया है, और अब उम्मीद की जा रही है कि इन हथियारों की जांच और विश्लेषण से उस समय की घटनाओं पर नई रोशनी पड़ सकती है।


