Ghaziabad News : गाजियाबाद की लोनी सीट से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर द्वारा दरगाहों को लेकर दिए गए विवादित बयान ने सियासी हलकों में उबाल ला दिया है। गुर्जर ने हिन्दुओं से दरगाहों और मजारों पर न जाने की अपील की थी और दावा किया था कि इन स्थानों पर “जिहादी” दफन हैं, जिन्होंने महिलाओं पर अत्याचार किए और उन्हें जौहर करने के लिए मजबूर किया। उनके इस बयान ने न केवल समाज में विवाद पैदा किया, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आई।
समाजवादी पार्टी (सपा) के बिलारी से विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे समाज में सद्भावना बिगाड़ने वाला बताया। इरफान ने कहा कि इस प्रकार के बयान देश की गंगा-जमुनी तहजीब के खिलाफ हैं और समाज में नफरत और हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं।
सपा विधायक का कड़ा जवाब
फहीम इरफान ने नंद किशोर गुर्जर के बयान को बहुत गलत करार देते हुए कहा कि दरगाहों में (Ghaziabad News) सभी धर्मों के लोग अपनी मुरादें लेकर जाते हैं, और वहाँ के सूफी संतों की दुआओं से उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा, हमारे देश की मिलीजुली संस्कृति है, जहां हर किसी का धर्म का सम्मान किया जाता है। भाजपा विधायक का बयान समाज में दरार डालने वाला है।
इरफान ने आगे कहा कि दरगाहों पर सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि फिल्मी सितारे भी जाते हैं, और इसका मकसद सिर्फ अपनी इच्छाओं की पूर्ति करना होता है। ऐसे में भाजपा विधायक का बयान न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है, बल्कि यह उस सहिष्णुता और सद्भावना को भी ठेस पहुंचाता है, जो भारतीय समाज की पहचान है।
उन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करने की बात भी कही और जोर देकर कहा कि इस प्रकार के बयान से समाज में नफरत का माहौल बनता है। “हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब का देश है, और इस तरह के बयान हमें एक-दूसरे से दूर करते हैं,” उन्होंने कहा।
भारतीय संस्कृति और मिलीजुली तहजीब की बात
फहीम इरफान ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय समाज में धर्म और संस्कृति के बीच कोई दीवार नहीं है। वे खुद एक मुस्लिम नेता होने के बावजूद हिंदू धर्म के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि उन्हें रामायण के पाठ और श्री कृष्ण जन्माष्टमी जैसे कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक बुलाया जाता है। “यह हमारी संस्कृति है कि हम एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करते हैं।
सपा विधायक ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू और मुसलमान दोनों ने मिलकर संघर्ष किया था, और देश की आज़ादी में सभी धर्मों का योगदान था। ऐसे में, एक विधायक का इस तरह के बयान देना न केवल गलत है, बल्कि यह देश की एकता और अखंडता को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर का बयान विशेष रूप से उन हिंदू धर्मावलंबियों के लिए विवादास्पद था, जो दरगाहों का दौरा करते हैं। उन्होंने कहा था, हिंदू दरगाहों या मजारों पर न जाएं क्योंकि वहां जिहादी दफन हैं। उन्होंने महिलाओं पर अत्याचार किए थे और उन्हें जौहर के लिए मजबूर किया। अगर हिंदू वहां जाकर माथा टेकते हैं, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता।
सपा MLA फहीम इरफान ने किया पलटवार
गुर्जर का यह बयान न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक संवेदनशील माना गया। इस बयान को लेकर उनके खिलाफ आलोचनाएं तेज हो गईं हैं, और कई नेताओं ने इसे धार्मिक उन्माद और नफरत फैलाने वाला करार दिया है।
इस विवाद (Ghaziabad News) ने केवल सियासी दलों के बीच टकराव को बढ़ाया है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में भी असहमति और तनाव को जन्म दिया है। भाजपा और सपा के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जबकि आम जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई दिख रही है।


