Meerut News : देशभर में साइबर ठगी के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है, और अब मेरठ में भी एक हैरान करने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड सीडीए कर्मचारी को साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया और उनसे 15 लाख रुपये ठग लिए। यह घटना 8 नवंबर को घटित हुई, जब बुजुर्ग अधिकारी को एक फोन कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया गया।
कैसे हुआ ठगी का शिकार?
मामला मेरठ के शास्त्रीनगर में रहने वाले एस.सी. जैन से जुड़ा है, जो कि सीडीए से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। 8 नवंबर को उनके पास एक फोन आया जिसमें बताया गया कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने 17 बच्चों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी है और उनके अंगों को बेचने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेज दिया है। फोन करने वाले ने यह भी दावा किया कि बच्चों के शवों की पहचान के लिए परिजनों से फिरौती वसूली गई थी और यह रकम एसडीएफसी बैंक से ट्रांसफर की गई है। इस धमकी के बाद एस.सी. जैन घबरा गए और साइबर ठगों के झांसे में आ गए।
साइबर ठग का ऑपरेशन
इस पूरे धोखाधड़ी (Meerut News) के मामले में साइबर ठगों ने पूरी तैयारी से काम किया। उन्होंने बुजुर्ग अधिकारी को खुद को एक पुलिस अधिकारी के रूप में पेश किया और उन्हें बताया कि वह साइबर क्राइम विभाग से जुड़े हुए हैं। वीडियो कॉल पर ठग ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को ‘दीपक यादव’ बताकर एस.सी. जैन से बात की। उसने कहा कि जैन की बैंक से संबंधित गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं और वह जल्द ही गिरफ्तारी से बचने के लिए एक बड़ी राशि का भुगतान करें।
ठग ने बुजुर्ग को यह भी बताया कि अगर वह सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इस डर और घबराहट के कारण एस.सी. जैन ने ठगों की बात मानी और पांच दिनों तक ठगों के चंगुल में फंसे रहे।
15 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर
ठगों ने रिटायर्ड अधिकारी से लगातार 15 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। 12 नवंबर को, उनके दबाव में आकर एस.सी. जैन ने यह राशि साइबर ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी। हालांकि, इसके बाद उन्होंने यह घटना अपनी पत्नी को बताई और फिर बेटे को भी इसका पता चला। बेटे राहुल, जो एक स्पोर्ट्स कारोबारी हैं, ने तुरंत इस मामले की रिपोर्ट साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई।
साइबर सेल ने शुरू की जांच
रिटायर्ड अधिकारी से ठगी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगों के द्वारा प्राप्त किए गए पैसे का ट्रैक किया जा रहा है और जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई है, उसे फ्रिज करने के लिए बैंक को मेल भेज दी गई है। साइबर सेल इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और ठगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
यह घटना (Meerut News) एक गंभीर चेतावनी है कि साइबर ठगों के नए तरीके और तकनीकों से कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। ऐसे मामलों में आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर बिना किसी जांच के पैसा ट्रांसफर करना खतरे से खाली नहीं होता। पुलिस और साइबर विभाग से संपर्क करके हमेशा सत्यापन करना चाहिए और साइबर ठगों के जाल में नहीं फंसना चाहिए।


