UP By Election : उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं और एक-दूसरे की नीतियों को लेकर तीखे बयान दे रहे हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर जमकर हमला बोला है।
अखिलेश यादव का बड़ा बयान
अखिलेश यादव ने हाल ही में दिए एक बयान में केशव प्रसाद मौर्य पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी गिराने की कोशिश कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा, यह सुनने में आया है कि उपमुख्यमंत्री लखनऊ में एक बड़ी मंत्री की सभा को सिर्फ इसलिए रद्द करवा रहे हैं क्योंकि वहां लोगों की संख्या कम थी। लेकिन यह सिर्फ सभा (UP Byelection) रद्द करने तक नहीं रुकने वाला है, वे मुख्यमंत्री की कुर्सी को गिराने के लिए सुरंगें खोदने का काम कर रहे हैं।
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि मौर्य और उनकी पार्टी के कुछ नेता अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं। उनका कहना था कि यह सब उनके भीतर की असंतोष और सत्ता की जंग का हिस्सा है, जो राज्य की राजनीतिक स्थिति को और भी जटिल बना रहा है।
‘बंटोगे तो कटोगे’ पर अखिलेश का पलटवार
अखिलेश यादव ने भाजपा के उस विवादास्पद नारे “बंटोगे तो कटोगे” पर भी जमकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे नकारात्मक और विभाजनकारी बताया। अखिलेश ने कहा, यह नारा न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के लिए अपमानजनक है, बल्कि यह पूरे देश की सांस्कृतिक विविधता और सद्भावना के खिलाफ भी है। हम एक ‘गंगा-जमुनी’ संस्कृति के प्रेमी लोग हैं, जो कभी भी इस तरह की नकारात्मकता को स्वीकार नहीं करेंगे।
सपा प्रमुख का कहना था कि भाजपा की ओर से इस तरह के नारे केवल समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नारे समाज के बीच विघटन का कारण बन सकते हैं और किसी भी सभ्य समाज को यह कभी स्वीकार नहीं होगा।
केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार
अखिलेश यादव (UP Byelection) के आरोपों के जवाब में भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव “पीडीए” (पार्टी डेवलपमेंट एजेंसी) की बात करते हैं, लेकिन असल में वह “परिवार डेवलपमेंट एजेंसी” चला रहे हैं। मौर्य ने कहा, अखिलेश यादव की साइकिल पंचर हो चुकी है और अब वह इसे सैफई के गैराज में भेजने का प्रयास कर रहे हैं।
मौर्य ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता सिर्फ अपने परिवार के विकास में ही रुचि रखते हैं और राज्य के विकास के बारे में कभी नहीं सोचते। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जिन मतदाताओं ने सपा को वोट दिया था, वे अब जागरूक हो चुके हैं और उनका समर्थन भाजपा के पक्ष में जाएगा।
उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि ये चुनाव राज्य की मौजूदा सरकार के लिए एक अहम परीक्षा साबित हो सकते हैं। इन चुनावों में भाजपा और सपा दोनों ही अपनी सियासी ताकत का परीक्षण कर रहे हैं और हर पार्टी यह चाहती है कि इन सीटों पर उनकी जीत हो ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों में उनका मनोबल बना रहे।


