Maharashtra : महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य के अमरावती जिले के दरियापुर स्थित खल्लार गांव में शनिवार को बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा की रैली के दौरान एक बड़ा हंगामा हो गया। रैली में शामिल कुछ लोगों ने न केवल आपत्ति जताई, बल्कि आयोजन के दौरान जबरदस्त उत्पात मचाया। इस दौरान कुर्सियां फेंकी गईं और राणा पर गुस्साई भीड़ ने हमले भी किए।
रैली में भाग लेने पहुंची नवनीत राणा ने आरोप लगाया कि उन पर कुर्सियां फेंकी गईं और उनके साथ गाली-गलौच की गई। राणा ने कहा कि यह पूरी घटना उनकी जाति को लेकर अभद्र टिप्पणियों और दुर्व्यवहार का हिस्सा थी। मुझ पर कुर्सियां फेंकी गईं, गालियां दीं, और मुझे बाल-बाल बचने का मौका मिला।
इसके अलावा, नवनीत राणा ने कहा कि उनके साथ-साथ उनके सुरक्षा गार्डों पर भी हमले किए गए और उन्हें पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हिंसक घटना के दौरान कुछ लोगों ने उन पर थूकने की भी कोशिश की। राणा ने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो अमरावती जिले का हिंदू समाज बड़े पैमाने पर इकट्ठा होगा और प्रदर्शन करेगा। रैली के दौरान हुए इस हंगामे के बाद नवनीत राणा ने खल्लार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। राणा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठाए और कहा कि सभा में सुरक्षा की अनुपस्थिति ने इस तरह के घटनाक्रम को जन्म दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस घटना के बाद खल्लार गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने इस हंगामे को अंजाम दिया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के एक ही चरण में 20 नवंबर को मतदान होने हैं और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में यह घटना राज्य में चुनावी माहौल को और भी गरम कर सकती है, खासकर जब राजनीतिक दलों के समर्थक आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं।
सुरक्षा का सवाल और बढ़ता तनाव
नवनीत राणा का यह बयान, जिसमें उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरा है। इस घटनाक्रम से यह साफ प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है, जो किसी भी समय हिंसक रूप ले सकता है।
यह घटना महाराष्ट्र के चुनावी परिप्रेक्ष्य में अहम बन गई है, जहां प्रदेश की 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को और भी तनावपूर्ण बना सकती हैं।


