UP News : उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव आयोग को एक चिट्ठी लिखकर महत्वपूर्ण मांग की है। सपा ने इस चिट्ठी में आग्रह किया है कि मतदान के दौरान मुस्लिम महिलाओं को बुर्का हटाने के लिए बाध्य न किया जाए और वोटिंग से पहले उनकी चेकिंग ना की जाए।
मुस्लिम महिलाओं के बुर्के को लेकर चिंता
समाजवादी पार्टी के अनुसार, मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनकर मतदान करने आती हैं, लेकिन वे इस दौरान पुलिस या चुनाव कर्मियों द्वारा बुर्का हटाने के डर से वोटिंग में हिस्सा लेने से हिचकिचाती हैं। सपा ने चुनाव आयोग से यह अनुरोध किया है कि महिला वोटर्स को उनकी पहचान दिखाने के लिए बिना किसी डर और दबाव के मतदान करने दिया जाए। पार्टी का कहना है कि इस प्रकार की चेकिंग से मुस्लिम महिलाएं मानसिक तनाव में आ सकती हैं, जिसके कारण वे अपना मतदान अधिकार प्रयोग नहीं कर पातीं।
सपा ने चुनाव आयोग से यह भी अपील की है कि वोटिंग के दौरान पुलिस या चुनाव अधिकारी के पास वोटर के पहचान पत्र को जांचने का अधिकार न हो, क्योंकि मुस्लिम महिलाएं इस बात को लेकर भयभीत हैं कि पुलिस या सुरक्षा बलों के द्वारा उनका नकाब हटाने की कोशिश की जाएगी। सपा ने इस मुद्दे को एक संवेदनशील मसला बताते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
सियासी घमासान की आशंका
सपा की इस मांग से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में सियासी घमासान मच सकता है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कई बार बुर्का पहनकर वोट डालने वाली महिलाओं की चेकिंग की मांग की है, और बीजेपी इस मामले में सपा से भिन्न रुख अपनाती आई है। दिल्ली में हुए पिछले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने दिल्ली यूनिट के माध्यम से चुनाव आयोग से मांग की थी कि बुर्का पहनकर वोट डालने आने वाली महिलाओं की पहचान को लेकर पूरी जांच की जाए और महिला पुलिस अधिकारी ही उनका चेहरा चेक करें।
दिल्ली बीजेपी की मांग
दिल्ली की बीजेपी इकाई ने चुनाव से पहले एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की थी कि मतदान केंद्रों पर जो महिलाएं बुर्का पहनकर या मुंह पर मास्क लगाकर वोट डालने आएं, उनकी पहचान को सही तरह से जांचा जाए। इसके लिए महिला पुलिस अधिकारी या महिला चुनाव कर्मियों को यह जिम्मेदारी दी जाए कि वे मतदान से पहले उन महिलाओं का चेहरा चेक करें ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
उत्तर प्रदेश में 20 नवंबर को उपचुनाव
उत्तर प्रदेश (UP News) की 9 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को उपचुनाव होंगे, और 23 नवंबर को इसके परिणाम घोषित किए जाएंगे। जिन सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें कटेहरी (अम्बेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझावां (मिर्जापुर), शीशमऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल हैं। इस उपचुनाव के परिणाम उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर इस मुद्दे को लेकर जो राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना हुआ है।


