Mayawati : उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए उपचुनावों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भारी हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी अब देश में कोई उपचुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम के माध्यम से फर्जी वोट डाले जा रहे हैं और जब तक चुनाव आयोग इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं करता, तब तक बसपा उपचुनावों से दूर रहेगी।
मायावती ने ईवीएम पर उठाए सवाल
मायावती ने कहा कि पहले देश में बैलट पेपर के जरिए चुनाव होते थे, लेकिन अब ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें चुनावों में धांधली की संभावना बढ़ गई है। उनका आरोप है कि सत्ता का दुरुपयोग करके फर्जी वोट डाले जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है। मायावती ने यह भी कहा कि उपचुनावों में ईवीएम के माध्यम से फर्जी वोटिंग का काम खुलेआम हो रहा है, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
यूपी उपचुनाव के परिणाम और बसपा की स्थिति
हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में बसपा को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। पार्टी ने सभी 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली। यहां तक कि कई सीटों पर बसपा को महज 1000 के आसपास वोट मिले। पूरे उपचुनाव के दौरान पार्टी को कुल 1,32,929 वोट मिले, जो कि उसकी कमजोर स्थिति को दर्शाता है। इस परिणाम ने यह साफ कर दिया कि बसपा अब राज्य की राजनीति में हाशिये पर जा चुकी है।
बीजेपी की शानदार जीत
उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया। बीजेपी ने 9 में से 6 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि एक सीट उसके सहयोगी आरएलडी के खाते में गई। सपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। बीजेपी द्वारा जीती गई सीटों में गाजियाबाद, फूलपुर, खैर, कुंदरकी, कटेहरी और मझवां शामिल हैं। आरएलडी ने मीरापुर सीट जीती, जबकि सपा ने करहल और सीसामऊ सीट पर कब्जा किया। इन नतीजों ने बीजेपी की स्थिति को मजबूत किया, जबकि बसपा की दुर्गति हुई। कुछ सीटों पर तो चंद्रशेखर की पार्टी से भी बसपा पिछड़ गई।
मायावती ने विरोधी पार्टियों पर साधा निशाना
मायावती (Mayawati) ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने की पूरी कोशिश की, लेकिन हार का यह परिणाम विरोधी पार्टियों की साजिशों का परिणाम है, ऐसा उनका मानना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दलों ने अपने वोट ट्रांसफर कर एमएलए बेचने का काम किया है। उनका कहना था कि जातिवादी पार्टियां, विशेष रूप से कांग्रेस और भाजपा, बसपा को कमजोर करने के लिए अलग-अलग दलों का निर्माण कर रही हैं। मायावती ने कहा कि दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदाय को इस साजिश से सावधान रहना चाहिए और अपने वोट बसपा को देना चाहिए, क्योंकि केवल बसपा ही उनके हितों की सच्ची रक्षक है।
मायावती (Mayawati) ने यूपी उपचुनाव के दौरान हुए हिंसा और तनाव पर भी चिंता जताई। सम्भल क्षेत्र में हुई हिंसा के लिए यूपी सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में जो हिंसा हुई, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।


