Sambhal Violence : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार को एक मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में 500 से अधिक लोगों के खिलाफ विभिन्न आरोपों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच इन आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि हिंसा और पत्थरबाजी में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए आरोपियों ने खुद को बेगुनाह बताया।
घटना का प्रारंभ
संभल में हुई यह हिंसा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर थी, जिसमें आरोप है कि यह मस्जिद हरिहर मंदिर की जगह पर बनी है। इस विवादित मस्जिद के सर्वेक्षण की रिपोर्ट 29 नवंबर तक अदालत में पेश की जानी है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय समुदायों में तनाव बढ़ गया था, जिससे हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं।
गिरफ्तारी और आरोप
संभल के समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे नवाब सुहैल इकबाल पर भी इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान उनके नाम सामने आए हैं, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, हिरासत में लिए गए 22 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जहां उन्होंने मीडिया से कहा कि वे बेकसूर हैं और पुलिस ने उन्हें बेवजह पकड़ा है।
सुरक्षा और प्रतिबंध
इस हिंसा के बाद पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। संभल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए निलंबित कर दी गई हैं, और स्कूलों को सोमवार तक बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने 30 नवंबर तक जिले में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा, पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, और पुलिस ने आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की तैनाती भी सुनिश्चित की है ताकि किसी भी प्रकार की अशांति न फैले।
संभल की स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया है। पूरे शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है और स्थानीय बाजारों, गलियों और मुख्य सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा उपायों को सख्त रखा जाएगा।
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आगे की कार्रवाई
संभल में मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर विवाद और हिंसा के बाद प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है, और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की पूरी कोशिश करेंगे।


