Prayagraj : प्रयागराज में महाकुंभ-2025 की तैयारियों के तहत योगी सरकार ने रविवार को एक अस्थायी जिले का गठन किया है। इसे महाकुंभ मेला नाम दिया गया है। इस जिले में चार तहसीलों के 67 गांव शामिल किए गए हैं। यह अस्थायी जिला महाकुंभ मेले के समापन तक ही अस्तित्व में रहेगा। प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए यहां पुलिस थाने और चौकियां भी अस्थायी रूप से बनाई जाएंगी।
प्रशासनिक कार्य और अधिकार
अस्थायी जिले में प्रशासन की कार्यप्रणाली सामान्य जिलों जैसी होगी। प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने अधिसूचना जारी कर बताया कि इस जिले में डीएम, एसएसपी समेत सभी विभागों के पद सृजित किए गए हैं। जिला कलेक्टर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के तहत सभी अधिकार दिए गए हैं। इस जिले का उद्देश्य मेले के दौरान प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू और प्रभावी बनाना है।
महाकुंभ मेला जनपद में शामिल क्षेत्र
महाकुंभ मेला जनपद में प्रयागराज की चार तहसीलें- सदर, सोरांव, फूलपुर और करछना शामिल की गई हैं।
- सदर तहसील: 25 गांव
- सोरांव तहसील: 3 गांव
- फूलपुर तहसील: 20 गांव
- करछना तहसील: 19 गांव
इन क्षेत्रों को परेड क्षेत्र समेत जोड़ा गया है, जिससे मेले के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुगम हो सकें।
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अस्थायी जिला कैसे बनता है?
नए जिले के गठन का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है। इसके लिए सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी करती है। महाकुंभ मेला जनपद, प्रयागराज की सीमाओं के अंदर के क्षेत्रों को जोड़कर बनाया गया है। इसे डीएम द्वारा अधिसूचना जारी कर अस्थायी जिला घोषित किया गया है। इस प्रकार के अस्थायी जिलों का कार्यकाल मेले के समापन के साथ ही खत्म हो जाता है।
महाकुंभ 2025 का कार्यक्रम
महाकुंभ-2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में होगा। इस दौरान कुल छह शाही स्नान आयोजित किए जाएंगे। आयोजन में देश-विदेश से 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महाकुंभ के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।


