CM Yogi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर उपद्रवियों के खिलाफ कठोरता बरतने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से उन नुकसान की भरपाई करवाने और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की बैठक में अहम दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में उपद्रवियों के खिलाफ पूरी सख्ती बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, संभल और अन्य जनपदों का उल्लेख करते हुए कहा कि अराजकता फैलाने की किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री ने उदाहरण के तौर पर संभल में हुई हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे उपद्रवियों के साथ कठोरता से निपटा जाए और कोई भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए।
सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान उपद्रवियों से वसूला जाए
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनसे उस नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अराजकता फैलाने वाले उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएं ताकि आम जनता उनका सहयोग कर सके। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाने की बात भी कही और निर्देश दिया कि किसी भी उपद्रवी को बचने का मौका नहीं मिलना चाहिए।
लाउडस्पीकर और डीजे पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों और संगीत कार्यक्रमों में तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों और डीजे के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर और डीजे को निर्धारित मानक से अधिक आवाज में नहीं बजने दिया जाए, विशेषकर रात के समय। इस पर उन्होंने कहा कि तेज आवाज से वृद्धजन, रोगी और बच्चों को परेशानी होती है, इसलिए इस मुद्दे पर पुनः प्रभावी कार्रवाई की जाए। जहां भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो, वहां तुरंत लाउडस्पीकर उतारे जाएं।
सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) का यह निर्णय राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनका स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा दी जाएगी।


